नई दिल्ली: याकूब मेमन के बारे में सीनियर जर्नलिस्ट एम. रहमान ने बड़ा खुलासा किया है। रहमान का दावा है कि अगस्त 1994 में याकूब मेमन की गिरफ्तारी के बाद वो उससे दिल्ली में CBI हेडक्वार्टर में मिले थे। रहमान का कहना है कि CBI के एक अफसर ने उन्हें कराची के कुछ एड्रेस दिए और कहा कि क्या उन घरों की तस्वीरें मंगवा सकते हैं रहमान का दावा है कि याकूब ने एजेंसियों को दाऊद इब्राहिम और टाइगर मेमन के बारे में कई अहम जानकारी मुहैया कराई थी। याकूब ने CBI को कराची के जो पते दिए थे। इनमें दो पते दाऊद और टाइगर मेमन के ठिकानों के थे। याकूब की बताई जानकारी की वजह से ही CBI जान पाई कि तीसरा पता कराची के स्मगलर तौफीक जलियांवाला का है। जो पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI और मुंबई धमाकों के बीच की कड़ी था।
रहमान ने खुलासा किया है कि याकूब मेमन ने जांच एजेंसी को दाऊद और टाइगर मेमन के करांची के जो एड्रैस दिए थे उन एड्रैस को रहमान ने वैरीफाई किया और याकूब की इन्फोर्मेशन को सही पाया था। रहमान का कहना है कि याकूब ने जो तीन एड्रेस प्रोवाइड करवाए थे उनको वैरीफाई करने लिए उन्होंने कराची के एक पठान फोटोग्राफर को पतों की तस्वीरें खींचने के काम पर लगाया था। एम. रहमान के फोटोग्राफर ने इस बात की तस्दीक भी की कि ये आलीशान बंगले कराची के दाऊद और टाइगर मेमन के हैं। मसीह रहमान ने इन जानकारियों के आधार पर 1994 में एक रिपोर्ट भी फाइल की थी।
मसीह रहमान ने ये भी बताया कि तब के गृह मंत्री शंकर राव चव्हाण ने भी माना था कि याकूब मेमन के दिए दस्तावेजों से ISI के खिलाफ कई सबूत मिले थे।
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