कच्छ का रण: आईएसआईएस और अन्य आतंकवादी संगठनों द्वारा युवकों में कट्टरता भरने के प्रयासों को लेकर चिंताओं के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि संवेदनशीलता पुलिस व्यवस्था का एक महत्वपूर्ण तत्व होना चाहिए। मोदी ने एक लचीली संस्थागत रूपरेखा की पुरजोर वकालत भी की जिसके तहत पुलिस स्थानीय लोगों के साथ संबंध स्थापित करेगी। उन्होंने यहां पुलिस महानिदेशकों के तीन दिवसीय सम्मेलन के समापन सत्र को संबोधित करते हुए कहा, संवेदनशीलता पुलिस सिस्टम का अहम तत्व होना चाहिए और एक लचीली संस्थागत रूपरेखा बनाई जानी चाहिए, जिससे पुलिस बल में नागरिकों के प्रति संवेदनशीलता पैदा करने में मदद मिल सकती है।
प्रधानमंत्री ने देश के करीब 100 शीर्ष पुलिस अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि पुलिस के कामकाज में स्थानीय समुदायों को विश्वास में लेना चाहिए और अपराधों से निपटने में प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल करना चाहिए। उन्होंने कहा, पुलिस बलों को स्थानीय समुदायों के साथ संपर्क स्थापित करना चाहिए और इसका एक तरीका है कि समुदाय के लोगों की सफलता और उपलब्धियों का जश्न मनाना चाहिए।
प्रधानमंत्री ने कहा कि जब लोग अपनी उपलब्धियां मनाने थानों में आएंगे तो उनमें पुलिस अधिकारियों द्वारा किए गए कामकाज के लिए व्यापक समझ पैदा होगी और सम्मान विकसित होगा। आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र, कर्नाटक और दिल्ली में पुलिस ने कुछ युवकों को कट्टरता के रास्ते से बाहर लाने के लिए उनके परिवारों और समुदाय के वरिष्ठ नागरिकों के साथ काम किया है। ये युवक कथित तौर पर पश्चिम एशिया में आतंक फैला रहे आईएसआईएस के प्रभाव में आ गए थे। मोदी ने अंतरराज्यीय सीमाओं पर पड़ोसी राज्यों के पुलिस बलों के बीच व्यापक संवाद की भी वकालत की।