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अब बहुत ही सावधानी से करें ट्रेन में सफर, जरा सी चूक से जाना पड़ सकता है जेल, जानिए जरूरी नियम

 Written By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Oct 15, 2020 01:39 pm IST,  Updated : Oct 15, 2020 01:39 pm IST

रेल सुरक्षा बल (RPF) के अनुसार, अगर कोई यात्री नियमों का उल्लंघन करता पाया जाता है तो उसे भारी जुर्माना देना पड़ सकता है। इतना ही नहीं, नियमों के उल्लंघन पर यात्री को जेल की सजा भी काटनी पड़ सकती है।

Indian Railways- India TV Hindi
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नई दिल्ली: त्योहारी सीजन को देखते हुए भारतीय रेलवे (Indian Railways) 196 जोड़ी यानि 392 स्पेशल ट्रेनें चलाने वाली है। यह ट्रेनें फेस्टिवल स्पेशल के नाम से शुरू की जा रही हैं। लेकिन, यहां यह जानना बहुत जरूरी है कि ट्रेनों को शुरू करने के साथ ही कोरोना वायरस से बचाव के नियमों का सख्ती से पालन कराने पर भी जोर दिया जा रहा है। कोरोना संकट को देखते हुए मास्क लगाने, सोशल डिस्टेंसिंग आदि जैसे नियमों पर सख्ती बरती जाएगी। 

रेल सुरक्षा बल (RPF) के अनुसार, अगर कोई यात्री नियमों का उल्लंघन करता पाया जाता है तो उसे भारी जुर्माना देना पड़ सकता है। इतना ही नहीं, नियमों के उल्लंघन पर यात्री को जेल की सजा भी काटनी पड़ सकती है। बुधवार को RPF ने कहा कि कोरोना से जुड़े प्रोटोकॉल का पालन नहीं करने, जैसे- मास्क नहीं पहनने और जांच में संक्रमित होने की पुष्टि होने पर भी ट्रेन से सफर करने आदि पर यात्री के खिलाफ रेल अधिनियम की विभिन्न धाराओं में केस दर्ज हो सकता है।

RPF की ओर से कहा गया है कि ऐसे यात्रियों को जुर्माना तो भरना पड़ ही सकता है, साथ ही जेल भी जाना पड़ सकता है। उन्हें सजा हो सकती है। RPF द्वारा त्योहारी मौसम के लिए विस्तृत दिशा-निर्देशों में यह सब कहा गया है। क्योंकि, जाहिर है कि त्योहारों के दौरान ट्रेनों में यात्रियों की संख्या बढ़ जाती है। इसी के मद्देनजर रेलवे ने सभी जोन्स में फेस्टिवल स्पेशल ट्रेनें चलाने की मंजूरी दी है। इसके जरिए रेवले यात्रियों को भीड़ से राहत देना चाहती है।

दिशा-निर्देशों में कहा गया कि रेल परिसरों में यात्री मास्क सही तरीके से पहनें, सामाजिक दूरी के नियमों का पालन करें, कोरोना टेस्ट पॉजिटिव आने पर या टेस्ट रिपोर्ट लंबित रहने के दौरान रेलवे परिसर में न आएं और न ही ट्रेन में सवार हों, स्टेशन पर स्वास्थ्य टीम द्वारा यात्रा की अनुमति नहीं दिये जाने पर ट्रेन में सवार न हों। दिशा-निर्देशों में कहा गया है कि इन सब बातों का उल्लंघन करने पर कार्रवाई होगी। इनका उल्लंघन न करें, पालन करें।

दिशा-निर्देशों में सार्वजनिक स्थल पर थूकना गैरकानूनी बताया गया है। रेलवे स्टेशन या ट्रेनों में गंदगी फैलाना, जन स्वास्थ्य एवं सुरक्षा को प्रभावित करना और कोराना के प्रसार को रोकने के लिये रेल प्रशासन द्वारा जारी किसी दिशा-निर्देश का उल्लंघन करना मना है। अगर उल्लंघन किया जाता है तो वह कार्रवाई के दायरे में आएगा। ऐेसे में रेल अधिनियम की धारा 145,153 और 154 के तहत दंडित किया जा सकता है।

रेल अधिनियम की धारा- 145 (नशे में होना या उपद्रव करना) के तहत अधिकतम एक महीने की कैद का प्रावधान है। वहीं, धारा- 153 (जानबूझ कर यात्रियों की सुरक्षा को खतरे में डालना) के तहत जुर्माने के साथ अधिकतम पांच साल की कैद और धारा- 154 (लापरवाही करके अन्य यात्रियों की सुरक्षा को खतरे में डालना) के तहत एक साल तक की कैद या जुर्माना या फिर दोनों का प्रावधान है।

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