1. Hindi News
  2. भारत
  3. राष्ट्रीय
  4. डॉक्‍टर इंजीनियर ही नहीं अब धोनी और कोहली भी बनना चाहते हैं आज के बच्‍चे

डॉक्‍टर इंजीनियर ही नहीं अब धोनी और कोहली भी बनना चाहते हैं आज के बच्‍चे

 Written By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Apr 22, 2016 05:54 pm IST,  Updated : Apr 22, 2016 05:55 pm IST

किसी जमाने में खेल को नौकरी और कॉलेजों में एडमीशन पाने का जरिया मात्र माना जाता था लेकिन आज हकीकत ये है कि खेलों को भी एक प्रोफेशन की नज़र से देखा जा रहा है।

SSPF- India TV Hindi
SSPF

नई दिल्‍ली: किसी जमाने में खेल को नौकरी और कॉलेजों में एडमीशन पाने का जरिया मात्र माना जाता था लेकिन आज हकीकत ये है कि खेलों को भी एक प्रोफेशन की नज़र से देखा जा रहा है। अब इसे धोनी- कोहली बनने का बुखार कहें या फिर इन दिनों चल रहे आईपीएल का खुमार, लेकिन सच्चाई ये है कि आजकल माता-पिता अपने बच्चे को खिलाड़ी के तौर पर करियर बनाने की छूट देने में सबसे आगे हैं। खेल को इस तरह पहचान दिलाने का काम कर रही है School Sports Promotion Foundation (SSPF) जैसी संस्था।

 

भारत सरकार के साथ मिलकर खेलों को दिया जा रहा है बढ़ावा

स्पोर्ट्स अथारिटी ऑफ इंडिया के साथ पार्टनरशिप में सामने आई ये संस्था भारत सरकार के मानव संस्थान एवं विकास मंत्रालय के सहयोग से स्कूलों में खेल को बढ़ावा देने के लिए क्रिकेट ही नहीं अन्‍य खेलों से भी बच्‍चों जोड़ रही है जिससे बच्‍चों का समुचित विकास हो सके।

1000 से अधिक स्‍कूल जुड़ चुके हैं इस अभियान से

इसी दिशा में SSPF अगले महीने से क्रिकेट और फुटबॉल केटूर्नामेंट को इंटर डिस्ट्रिक्ट स्तर की तरफ ले जाने को तैयार है। फाउंडेशन के तहत इंटर स्कूल स्तर  पर अबतक 1,000 से ज़्यादा स्कूल और 20,000 से भी ज़्यादा बच्चों को क्रिकेट और फुटबॉल जैसे खेलों में अपनी काबिलियत दिखाने का मौका मिला है।

SSPF
SSPF

2016 के लिए जून सेे शुरु होंगे रजिस्‍ट्रेशन

साल 2015 के आखिर में शुरू हुई इस मुहिम ने सिर्फ 5 महीनों में ही सफलता है के झंडे गाढ़ दिए हैं। इसके अंतर्गत पहले स्कूल स्तर पर मैच कराए जाते हैंजिसमें से प्रतिभाओं को चुनकर उन्हें फील्ड ट्रायल और सेलेक्शन प्रक्रियाके लिए बुलाया जाता है और फिर जिला स्तर पर उनका चयन होता है। यही वजह है कि फिलहाल क्रिकेट और फुटबॉल को लेकर शुरू हुई इस महत्वकांक्षी परियोजनामें आने वाले समय में और खेलों को भी जोड़ा जाएगा...इस साल जून तक 2016-17 के रजिस्ट्रेशन भी शुरू कर दिए जाएंगे।

पढ़ाई ही नहीं अब खेल से भी बदल रही है तकदीर

SSPF एक ऐसी संस्था है जो बुनियादी स्तर पर जाकर खेल को बढ़ावा देने का कामकर रही है। SSPF का मानना है कि जिन खिलाड़ियों को बचपन से ही सही सुविधाएं और मार्गदर्शन मिल जाता है, वो जल्दी ही अपनी पहचान बना लेते हैं। कई खेल एक्सपर्ट भी ये मानते हैं कि अगर बच्चों को शुरुआत से ही किसी एक खेल के प्रति जागरुक किया जाए और साथ ही उसे ट्रेनिंग दी जाए तो फिर वो बच्चा आने वाले समय में एक बड़ा मुकाम हासिल कर सकता है। यानी पढ़ने- लिखने के अलावा खेलने- कूदने वाले के लिए भी नवाब बनने का ये अच्छा मौका है।

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। National से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें भारत