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स्टीफेंस छेड़छाड़ मामला: प्रोफेसर की गिरफ्तारी पर 17 अगस्त तक रोक

 Written By: Bhasha
 Published : Jul 03, 2015 04:21 pm IST,  Updated : Jul 03, 2015 04:24 pm IST

नयी दिल्ली: दिल्ली उच्च न्यायालय ने पीएचडी की छात्रा से छेड़छाड़ के आरोपी सेंट स्टीफेंस कॉलेज के प्रोफेसर सतीश कुमार की गिरफ्तारी पर 17 अगस्त तक के लिये रोक लगा दी है। न्यायमूर्ति इंदरमीत कौर

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स्टीफेंस विवाद: प्रोफेसर की गिरफ्तारी पर लगी रोक

नयी दिल्ली: दिल्ली उच्च न्यायालय ने पीएचडी की छात्रा से छेड़छाड़ के आरोपी सेंट स्टीफेंस कॉलेज के प्रोफेसर सतीश कुमार की गिरफ्तारी पर 17 अगस्त तक के लिये रोक लगा दी है।

न्यायमूर्ति इंदरमीत कौर ने कुमार की याचिका पर दिल्ली पुलिस को नोटिस भी जारी किया है। पुलिस को सुनवाई की अगली तारीख से पहले मामले की जांच में हुई प्रगति के बारे में रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया गया है।

न्यायाधीश ने कहा, नोटिस । प्रतिवादी :दिल्ली पुलिस: द्वारा स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करे। इस बीच, जब कभी भी प्रतिवादी द्वारा बुलाये जाने पर याचिकाकर्ता :कुमार: को जांच में शामिल होना चाहिए।

उन्होंने कहा कि मामले की सुनवाई अब 17 अगस्त को होगी और उस समय तक याचिकाकर्ता को गिरफ्तार नहीं किया जाएगा। अदालत ने कुमार की याचिका पर यह आदेश दिया है।

कुमार कॉलेज के रसायन विभाग में सहायक प्रोफेसर हैं तथा उन्होंने निचली अदालत के 23 जून के उस आदेश को चुनौती दी है, जिसमें उन्हें राहत इंकार कर दिया था ।

कुमार की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता एन हरिहरन ने यह कहते हुए अग्रिम जमानत की मांग की थी कि लड़की द्वारा लगाए गये आरोप मनगढ:त हैं और शिकायत में उल्लेख किसी भी घटना का एक भी प्रत्यक्षदर्शी नहीं है।

हरिहरन की सहायता करने वाले अधिवक्ता नितिन कुमार स्वरूप ने अदालत को बताया कि लड़की द्वारा लगाए गये अधिकतर आरोप अक्तूबर 2013 के हैं और जिस मेल को उसने शिकायत के साथ संलग्न किया है, वह स्पष्ट रूप से कहती है कि उसका कार्य में प्रगति नहीं थी, इसलिए उसने आरोपी से सहायता मांगी थी ।

कुमार के वकील ने कहा, मेल में या उसके :लड़की: द्वारा कॉलेज प्राचार्य को भेजी गयी शिकायत में छेड़छाड़ का कोई भी आरोप नहीं लगाया गया था । प्राथमिकी में लगाए गए आरोप झूठे और मनगढत हैं ।
कुमार की याचिका में यह भी कहा गया है कि प्रोफसर लड़की से छेड़छाड़ या उसका पीछा नहीं कर सकता है, क्योंकि वह 85 प्रतिशत शारीरिक रूप से विकलांग है और एक छड़ी के सहारे चलता है।
 
हालांकि, दिल्ली पुलिस की ओर से पेश होने वाले वकील ने कुमार की अग्रिम जमानत का यह कहते हुए विरोध किया कि कल शिकायतकर्ता- लड़की: ने आरोपी और प्राचार्य के बीच लड़की की उपस्थित में हुई बाचचीत का एक टेप सौंपा है और कुमार इसमें कॉलेज प्रमुख को प्रभावित करते हुये सुनाई पड रहे हैं।

छात्रा ने 19 जून को 40 वर्षीय कुमार के खिलाफ एक प्राथमिकी दर्ज कराई है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि उन्होंने उसका यौन शोषण किया है और जब मामले की कॉलेज अधिकारियों से रिपोर्ट की गई, तो कॉलेज के प्राचार्य ने आरोपी को बचाने का प्रयास किया ।

कुमार के वकील ने यह भी दावा किया कि छात्रा ने कॉलेज प्राचार्य और संस्थान की आंतरिक शिकायत समिति :आईसीसी: को तीन शिकायतें लिखी थी, जिनमंे यौन शोषण की कोई चर्चा नहीं की गई थी ।

उन्होंने कहा कि कुमार को अग्रिम जमानत दी जानी चाहिए और वह सेंट स्टीफंेस कॉलेज की आंतरिक शिकायत समिति और दिल्ली पुलिस के साथ पूरा सहयोग करेंगे।

वकील ने तर्क दिया कि कुमार के खिलाफ उनके दोषी होने के बारे में अभी तक कुछ भी नहीं मिला है, इसलिए उनकी गिरफ्तारी नहीं की जानी चाहिए।
हरिहरन ने यह भी दलील दी कि उसके मुवक्किल के फरार होने की कोई संभावना नहीं है।

हालांकि, कुमार की याचिका का सरकारी वकील और पीडि़ता के वकील ने इस आधार पर विरोध किया कि सहायक प्रोफेसर के खिलाफ लगाए गये आरोप बहुत गंभीर हैं तथा वह एक महत्वपूर्ण पद पर है।

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