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पठानकोट के गुनहगार के खिलाफ चीन से बात, घिर गया मोस्टवॉन्टेड मसूद अजहर !

 Written By: India TV News Desk
 Published : Apr 18, 2016 07:01 pm IST,  Updated : Apr 18, 2016 07:08 pm IST

नई दिल्ली: पठानकोट हमले के सबसे बड़े गुनहगाहर की सबसे बड़ी घेराबंदी हो रही है। भारत ने आज चीन पर दबाव बनाने के लिए हाईलेवल पर बात की है। चीन ने ही मसूद अजहर को

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नई दिल्ली: पठानकोट हमले के सबसे बड़े गुनहगाहर की सबसे बड़ी घेराबंदी हो रही है। भारत ने आज चीन पर दबाव बनाने के लिए हाईलेवल पर बात की है। चीन ने ही मसूद अजहर को आतंकी घोषित करने के केस में संयुक्त राष्ट्र में अडंगा डाला था। अब भारत मसूद अजहर के खिलाफ चीन को नए सबूतों के साथ एक डोजियर भी देने जा रहा है। इस मुहिम में तीन बड़े चेहरे विदेश मंत्री सुषमा स्वराज, रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल लगे हैं।

विदेश मंत्री मॉस्को में...रक्षा मंत्री बीजिंग में

विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने तो आज रूस की राजधानी मॉस्को में चीन के विदेश मंत्री वांग यी के सामने अजहर मसूद का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। मसूद अजहर के खिलाफ पठानकोट हमले के तमाम सबूतों के बारे में बताया और उसे संयुक्त राष्ट्र की सूची में आतंकवादी घोषित करवाने में मदद करने की अपील की।

सुषमा स्वराज रशिया-इंडिया-चाइना यानी RIC की तीनपक्षीय मीटिंग के लिए मॉस्को गई हैं और उन्होंने चीन के विदेश मंत्री से अलग से मुलाकात की। यही नहीं, रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर भी आज चीन के दौरे पर पहुंच गए हैं उनकी वहां चीन सरकार के बड़े नेताओं के साथ ही नहीं, बल्कि सेना के बड़े अधिकारियों के साथ भी मुलाकात होनी है।

सबसे बड़े मास्टरमाइंड की सबसे बड़ी घेराबंदी

सूत्रों से पता चला है कि पठानकोट हमले में मसूद अजहर का हाथ होने के संबंध में भारत चीन को एक नया डोजियर सौंपने वाला है इसमें मसूद के खिलाफ नए सबूत दिए जाएंगे। भारत अपने सबूतों और हमले की पूरी डीटेल्स से चीन के नेताओं को समझाने की कोशिश करेगा।

विदेश मंत्री और रक्षा मंत्री ही नहीं, सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल को भी इसी काम में लगा दिया है। हालांकि एनएसएए अजीत डोभाल की चीनी काउंसिलर यंग जी-चियांद के साथ बातचीत बॉर्डर के मसले पर होनी है, लेकिन सूत्रों से मालूम हुआ है कि आतंकी मसूद अजहर के मुद्दे पर भी बात छिड़ सकती है। ये सब इसलिए हो रहा है क्योंकि चीन ने पठानकोट हमले के सबसे बड़े गुनहगार औऱ भारत के मोस्ट वांटेड आतंकी सरगना मसूद अजहर को ब्लैक लिस्ट में डालने से बचा लिया।

मसूद को आतंकी घोषित करने की मुहिम

दरअसल इसी साल 2 जनवरी को पठानकोट एयरबेस पर हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने फरवरी में संयुक्त राष्ट्र को जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर पर बैन लगाने के लिए लिखा था। भारत ने मसूद के खिलाफ कई सबूत भी दिए थे लेकिन बैन पर फैसला होने से कुछ ही घंटे पहले चीन ने वीटो का इस्तेमाल करते हुए मसूद अजहर को बचा लिया।

ये दूसरी बार है जब चीन ने आतंक के सरगना मसूद को ब्लैक लिस्ट नहीं होने दिया। 2001 में संयुक्त राष्ट्र ने मसूद अजहर के आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद को बैन कर दिया था। 2008 में मुंबई पर हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने मसूद अजहर पर पाबंदी लगाने के लिए संयुक्त राष्ट् से गुहार लगाई थी लेकिन तब भी चीन ने अपनी वीटो पावर का इस्तेमाल कर लिया था। चीन के रुख को देखते हुए अब भारत मसूद अजहर को लेकर चौतरफा घेराबंदी में जुटा है। सबसे खास बात ये है कि भारत ने हाईलेवल पर मुहिम छेड़ी है।

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