Highlights
- जम्मू-कश्मीर में सुरक्षाबलों को बड़ी कामयाबी मिली
- सुरक्षाबलों ने आतंकियों के गाइड हाजी आरिफ को लाइन ऑफ कंट्रोल (LoC) के पास मार गिराया
- सेना ने नियंत्रण रेखा पर घुसपैठ की कोशिश नाकाम की, पाकिस्तानी आतंकवादी ढेर
श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर में शुक्रवार को सुरक्षाबलों को बड़ी कामयाबी मिली है। भारतीय सुरक्षाबलों ने आंतकी संगठनों के एक बड़े गाइड हाजी आरिफ को लाइन ऑफ कंट्रोल (LoC) के पास मार गिराया। बताया जा रहा है कि हाजी आरिफ के दो साथियों के साथ सुरक्षाबलों की मुठभेड़ अभी जारी है। जानकारी के मुताबिक, हाजी आरिफ लश्कर के आतंकियों को भारतीय सीमा में घुसपैठ करवाता था। बताया जा रहा है कि हाजी आरिफ पहले पाकिस्तानी फौज में ही था, लेकिन आंतकी तंजीमों के साथ उसके संबंधों को देखते हुए पाक प्रशासन ने उसे सीमा के पास ही जमीन दे दी थी और उसे पाकिस्तान के धारकुंडी खुरैटा सेक्टर का लॉन्च पैड कमांडर भी बना दिया था।
सेना ने नियंत्रण रेखा पर घुसपैठ की कोशिश नाकाम की, पाकिस्तानी आतंकवादी ढेर
सेना ने जम्मू कश्मीर के पुंछ जिले में नियंत्रण रेखा पर घुसपैठ की कोशिश नाकाम करते हुए एक पाकिस्तानी आतंकवादी को मार गिराया। एक रक्षा प्रवक्ता ने शुक्रवार को बताया कि सेना के सतर्क जवानों ने गुरुवार देर रात भिंबर गली के अग्रिम इलाके में नियंत्रण रेखा पर घुसपैठ की कोशिश का पता लगाया। उन्होंने घुसपैठ की कोशिश नाकाम कर दी और एक पाकिस्तानी आतंकवादी को मार गिराया। प्रवक्ता ने बताया कि आतंकवादी के शव के साथ हथियार और गोला बारुद बरामद किए गए हैं।
जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले में पुलिस ने 24 किलो आरडीएक्स और 71 हथगोले नष्ट किये
जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले में पिछले 12 वर्षों में विभिन्न आतंकवाद विरोधी अभियानों के दौरान जब्त किए गए 24 किलोग्राम आरडीएक्स और 71 हथगोलों को पुलिस ने शुक्रवार को नष्ट कर दिया। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि 2009 के बाद से, विशेष अभियान समूह ने रियासी के महोर-चासाना इलाके में दर्ज आतंकवाद के 15 मामलों में ग्रेनेड, तात्कालिक विस्फोटक उपकरण (आईईडी), फ्यूज और रिमोट कंट्रोल, डेटोनेटर तथा आरडीएक्स जब्त किए थे।
अधिकारियों ने कहा कि ये सुरक्षित रूप से पुलिस के कब्जे में थे। अधिकारियों ने बताया कि दुर्घटनावश विस्फोट की आशंका को भांपते हुए पुलिस ने जब्त विस्फोटकों को कानूनी रूप से सुरक्षित तरीके से नष्ट करने के आदेश की अपील करते हुए अदालतों का दरवाजा खटखटाया। पुलिस ने बताया कि उनकी याचिकाओं पर सुनवाई के बाद, रियासी सत्र अदालत ने दो मामलों में नष्ट करने के आदेश पारित किए, जबकि दो अन्य मामलों को जम्मू में राष्ट्रीय जांच एजेंसी अदालत में स्थानांतरित कर दिया गया, जिसने बाद में आदेश पारित किए। पुलिस ने कहा कि अन्य 11 मामलों में महोर की एक अदालत ने विस्फोटकों को नष्ट करने के आदेश पारित किए।
रियासी के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शैलेंद्र सिंह ने अदालतों के निर्देश पर एक विशेष संयुक्त टीम का गठन किया, जिसमें महोर सब-डिवीजन, बम निरोधक दस्ते और 58 राष्ट्रीय राइफल्स की इंजीनियरिंग रेजिमेंट के कर्मी शामिल थे। पुलिस ने कहा कि विशेषज्ञों की एक टीम विस्फोटकों को सुरक्षित स्थान पर ले गई और नियमों का पालन करते हुए उन्हें नष्ट कर दिया।