नई दिल्ली: दिल्ली उच्च न्यायालय ने सोमवार को आप सरकार से उस फैसले की प्रति उसके सामने पेश करने के लिए कहा जिसके आधार पर सनसनीखेज तंदूर हत्याकांड के दोषी पूर्व युवा कांग्रेस नेता सुशील शर्मा को वापस तिहाड़ जेल वापस भेजा गया।
उच्च न्यायालय ने 15 सितंबर को कहा था कि शर्मा तब तक पैरोल पर जेल से बाहर रहेगा जब तक सक्षम प्राधिकार माफी और समय पूर्व रिहाई के उसके अनुरोध पर कोई फैसला न कर ले। हालांकि शर्मा ने सोमवार को न्यायमूर्ति सिद्धार्थ मृदुल के सामने आवेदन दायर करके आरेाप लगाया कि अंतिम फैसले के बारे में सक्षम प्राधिकार से कोई संवाद के बिना उसे 12 अप्रैल को वापस जेल भेजा गया।
इस पर अदालत ने दिल्ली सरकार के वरिष्ठ सरकारी वकील राहुल मेहरा को एक सप्ताह में सजा समीक्षा बोर्ड (एसआरबी) का आदेश पेश करने और अगर है तो सक्षम प्राधिकार (उपराज्यपाल) का फैसला उसके सामने पेश करने को कहा। शर्मा ने अपने आवेदन में कहा कि वह 25 साल से अधिक समय तक जेल में रहा है जो एसआरबी दिशानिर्देशों के अनुसार अधिकतम है इसलिए उसे जेल से रिहा किया जाए।