नई दिल्ली: दिल्ली सरकार द्वारा नियुक्त डीडीसीए जांच पैनल के प्रमुख चेतन सांघी ने केंद्र को बताया है कि उनपर इस क्रिक्रेट निकाय के मामलों पर अपनी (जांच) रिपोर्ट में किसी खास वीआईपी समेत कुछ व्यक्तियों के नाम लेने का उन पर विभिन्न पक्षकारों से उन पर दबाव था। सतर्कता विभाग के प्रधानसचिव सांघी ने इस कथित दबाव के बारे में केंद्रीय गृह सचिव राजीव महिर्षि को पत्र लिखा है। सांघी फिलहाल छुट्टी पर हैं।
दिल्ली विधानसभा में विपक्ष के नेता विजेंद्र गुप्ता ने आरोप लगाया कि जांच पैनल के सदस्य राहुल मेहरा ने सांघी पर अरूण जेटली का नाम लेने का दबाव डाला था। आम आदमी पार्टी (आप) जेटली पर 1999-2013 के दौरान डीडीसीए का प्रमुख रहते हुए गड़बडि़यां होने का आरोप लगाया है। दिल्ली सरकार के वरिष्ठ वकील मेहरा ने हालांकि गुप्ता और सांघी के आरोपों को बेबुनियाद एवं राजनीति से प्रेरित करार दिया है।
सांघी ने पिछले साल नवंबर में आप सरकार को रिपोर्ट सौंपी थी। सांघी पैनल की रिपोर्ट के आधार पर दिल्ली सरकार ने डीडीसीए में कथित अनियमितताओं की जांच के लिए पिछले महीने जांच आयोग का गठन किया था। सांघी ने 28 दिसंबर को भेजे महिर्षि को भेजे पत्र में कहा है, किसका दोष था और खासकर किसी खास वीआईपी का नाम लेने के लिए गहरा दबाव था। विभिन्न पक्षकारों से गहरा दबाव था क्योंकि विषय बड़ा विवादास्पद है।