नई दिल्ली: “हवस दिन-रात अमीरी की दुकानों पर भटकती है गरीबी कान छिदवाती है तिनका डाल लेती है।” हमारे पुरुषवादी समाज में महिलाओं की स्थिति कितनी बदतर है इसे कहने और सुनने की जरूरत नहीं है। भले ही कागजी आंकड़ों में महिलाएं पुरुषों के बराबर कंधे से कंधा मिलाकर चलने लगी हों, लेकिन हकीकत यही है कि आज भी ग्रामीण अंचलों से लेकर देश के पिछड़े और एक संभ्रांत इलाकों में भी महिलाओं की स्थिति वही है जो प्राचीन काल में थी। हम आज आपको एक ऐसी महिला की कहानी सुनाने जा रहे हैं जिसे सुनकर शायद आपकी आंखों में आंसू आ जाएं।
65 साल की एक इजिप्ट की एक महिला को देखकर यकीं नहीं कर पाएंगे कि यह महिला है या पुरुष। इसे वक्त का तकाजा कहें या मुसीबत की मार एक महिला को इसलिए मर्द का चोला पहनना पड़ा ताकि उसकी बच्ची के पेट में खाना जा सके। सिसा नाम की इस महिला की कहानी सुनकर आपकी आंखें भर आएंगी।
जानिए महिला की दर्दभरी कहानी- सिसा पिछले 22 सालों के मर्द का किरदार निभा रही है। रील लाइफ में नहीं बल्कि रियल लाइफ में। सिर्फ इसलिए क्योंकि उसे एक पुरुषवादी समाज में नौकरी ढूंढने में कोई परेशानी न हो। महज 16 साल की उम्र में सिसा का विवाह कर दिया गया और 22 साल की उम्र में उस वक्त उसके पति की मौत हो गई जब वो प्रेगनेंट थी। सिसा को मजबूरन बहुरुपिया बनना पड़ा। वह पुरुष इसलिए बनी क्योंकि उसे नौकरी चाहिए थी। करीब एक दशक बाद भी वो मर्द का लबादा ओढ़े रहती है और दिन रात मेहनत करती नजर आती है।