इंदौर: सरकार ने ट्रांसपोर्टरों से उनकी एक अक्तूबर से प्रस्तावित बेमियादी हड़ताल वापस लेने की अपील की है। लेकिन इसके बावजूद वे टोल संग्रहण प्रणाली के खिलाफ इस राष्ट्रव्यापी हड़ताल के आह्वान पर अडिग हैं। ट्रांसपोर्टरों के शीर्ष संगठन ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस (एआईएमटीसी) के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अमृतलाल मदान ने आज यहां इस हड़ताल की तैयारियों को लेकर मध्यप्रदेश के ट्रक मालिकों की बैठक में हिस्सा लिया।
बैठक के बाद मदान ने संवाददाताओं से कहा, जब तक हमारी मांगों को पूरी करने के बारे में सरकार की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया जाता, तब तक हम हड़ताल का ऐलान वापस नहीं लेंगे। उन्होंने बताया कि एआईएमटीसी के प्रतिनिधियों ने सरकार के सामने प्रस्ताव रखा था कि वह देश भर के टोल नाकों पर ट्रकों तथा अन्य वाणिज्यिक वाहनों से टोल वसूली बंद करा दे और इसके बदले इन गाडि़यों के मालिकों से अग्रिम टोल ले ले। इससे वाणिज्यिक वाहनों को नाकों पर टोल अदायगी के लिए बार-बार रुकना नहीं पड़ेगा। मदान ने कहा, सरकार ने हमारा यह प्रस्ताव मानने की दिशा में अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया है।
लिहाजा हम देश भर में एक अक्तूबर से अनिश्चितकाल के लिए ट्रकों के चक्के रोककर माल की ढुलाई तथा सुपुर्दगी पूरी तरह बंद करने की तैयारी कर रहे हैं। इस हड़ताल से हर रोज करोड़ों रुपए का कारोबार प्रभावित होगा। एआईएमटीसी का दावा है कि वह करीब 93 लाख ट्रक ऑपरेटरों और लगभग 50 लाख बस मालिकों व टूरिस्ट ऑपरेटरों का प्रतिनिधित्व करती है। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग सचिव विजय ब्बिर ने कल नई दिल्ली में ट्रक मालिकों से अपील की थी कि वे अपनी एक अक्तूबर से प्रस्तावित बेमियादी हड़ताल वापस ले लें।