नई दिल्ली: अपनी कार में एक महिला से बलात्कार करने के आरोप में मुकदमे का सामना कर रहे एक कैब चालक ने दिल्ली की एक अदालत में आज दावा किया कि अभियोजन के मामले और कथित पीडि़ता के बयानों में कई खामियां हैं। मामले में अंतिम जिरह जारी रखते हुए आरोपी चालक शिव कुमार यादव के वकील ने आरोप लगाया कि महिला झूठ बोल रही है और मामले को साबित करने के लिए अभियोजन की तरफ से झूठ का सहारा लिया गया और दस्तावेज गढे़ गए ।
यादव के वकील डीके मिश्रा ने अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश कावेरी बावेजा से कहा, महिला ने अपने बयान में कहा कि उसके द्वारा पीसीआर को कॉल करने के बाद पुलिस पांच-दस मिनट में घटनास्थल पर पहुंच गई, जबकि पुलिस रिकॉर्ड से पता चलता है कि पीसीआर अधिकारी घटनास्थल पर आधा घंटे तक नहीं पहुंच सके क्योंकि वे इसका पता नहीं लगा पाए और यह उनकी खुद की स्वीकारोक्ति है। पुलिस को एक घंटे से अधिक समय बाद घटनास्थल मिला ।
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उन्होंने यह भी कहा कि आरोपी चालक का नाम जानने के बावजूद महिला ने इसका उल्लेख पीसीआर कॉल या प्राथमिकी में नहीं किया और पुलिस को दूसरा नाम बताया ।
वकील ने तर्क दिया, एफआईआर में गलत व्यक्ति का नाम दिया गया । महिला ने कहा कि उसे बाद में अपने मोबाइल फोन के ट्रूकालर एप्लीकेशन के जरिए नाम के बारे में पता चला । लेकिन उसके जिस मित्र ने उसके लिए कैब बुक कराई थी उसके पास चालक के नाम सहित सारा ब्यौरा था तथा उसने उससे क्यों नहीं पूछा । वकील ने यह भी आरोप लगाया कि हर चीज सोची समझी साजिश के तहत की गई ।
इससे पहले अधिवक्ता मिश्र ने दावा किया था कि पुलिस ने यादव को सोचे समझे मामले में फंसाने के लिए दस्तावेजों से छेड़छाड़ की।
उन्होंने दावा किया था कि उनका मुवक्किल कथित घटना के समय वहां नहीं था और पुलिस ने उसे फंसाने के लिए जानबूझकर पीडि़ता के मोेबाइल फोन की लोकेशन छुपायी।
विशेष लोक अभियोजक अतुल श्रीवास्तव ने अंतिम बहस को आगे बढ़ाते हुए इससे पहले कहा था कि आरोपी को पीडि़ता की एकमात्र गवाही के आधार पर दोषी ठहराया जा सकता है यदि वह विश्वसनीय है।
अभियोजन के अनुसार घटना पिछले वर्ष पांच दिसम्बर की रात में घटी जब गुड़गांव में कार्यरत 25 वर्षीय पीडि़ता घर लौट रही थी। पुलिस ने कहा था कि महिला ने उत्तरी दिल्ली के इंद्रलोक क्षेत्र स्थित अपने घर लौटने के लिए वसंत विहार से टैक्सी ली थी लेकिन आरोपी शिव कुमार यादव ने दूसरा रास्ता लिया और कथित तौर पर उससे बलात्कार किया। यादव को सात दिसम्बर 2014 को मथुरा से गिरफ्तार किया गया और वह इस समय न्यायिक हिरासत में है।