मुंबई: शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने भाजपा नीत केंद्र और महाराष्ट्र सरकारों से कहा कि वे स्मार्ट सिटी परियोजना पर ध्यान देने के पहले लोगों को परेशान कर रहे जमीनी मुद्दे पर ध्यान दें। ठाकरे ने जलगांव में एक एक सभा को संबोधित करते हुए कहा कि स्मार्ट सिटी परियोजना पर ध्यान देने के पहले, सरकार को लोगों के नेयजल की समस्याओं पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि गांवों में महिलाओं को अपने बुनियादी अस्तित्व के लिए पैसों की जरूरत है। गौरतलब है कि शिवसेना केंद्र और महाराष्ट्र दोनों सरकारों में सहयोगी है।
उन्होंने मराठवाडा के सूखा प्रभावित लातूर जिले की घटना का जिक्र किया जिसमें एक किसान की 16 वर्षीय पुत्री ने कथित तौर पर आत्महत्या कर ली क्योंकि कर्ज से दबे उसके अभिभावक उसके कालेज जाने के लिए बस का मासिक पास खरीद कर नहीं दे सके थे। ठाकरे ने कहा कि उनकी पार्टी में ऐसे मंत्री के लिए कोई स्थान नहीं है जिनके पास लोगों की समस्याओें को सुनने का समय नहीं है।
उन्होंने कहा, यह शर्मनाक है कि महाराष्ट्र में परिवारों को एक बच्ची को पढ़ाने के लिए पैसे नहीं हैं। स्वाति पिटाले (लातूर की लड़की) की आत्महत्या के बाद, मैंने समस्या के हल के लिए तुरंत परिवहन मंत्री दिवाकर राउते से बात की। ठाकरे ने कहा, उनके प्रयायों से, महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन निगम ने मराठवाड़ा के सूखा प्रभावित आठ जिलों में जूनियर कालेज के प्रथम वर्ष और उपर के विद्यार्थियों के लिए फीस पूरी तरह माफ करने का फैसला किया। इस योजना से करीब 4.60 लाख विद्यार्थी लाभान्वित हुए हैं।
उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी राज्य में किसानों की स्थिति में सुधार पर ध्यान दे रही है और वह लोगों की आकांक्षाओं पर खड़ा उतरेगी। ठाकरे ने कहा, ऐसे मंत्री के लिए शिवसेना में कोई स्थान नहीं है, जिनके पास लोगों की समस्याएं सुनने का समय नहीं है। हम विरोध करने के लिए सरकार का विरोध नहीं करते बल्कि ऐसी बात का विरोध करने का हमें साहस है जो लोगों के लिए फायदेमंद नहीं है। हम लोगों की उम्मीदों पर खरा उतरेंगे।