जम्मू: राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (NIT) में छात्रों व पुलिस के बीच मंगलवार को हुई झड़प के एक दिन बाद बुधवार को केंद्रीय मानव संसाधन विकास (HRD) मंत्रालय की दो सदस्यीय टीम हालात का जायजा लेने बुधवार को यहां पहुंची। एक वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी ने बताया कि, "एचआरडी मंत्रालय की 2 सदस्यीय टीम श्रीनगर एनआईटी में हालात का जायजा लेने के लिए बुधवार को यहां पहुंची, जहां मंगलवार को गैर-स्थानीय छात्रों के एक समूह तथा पुलिस के बीच झड़प हो गई थी।"
अधिकारी ने कहा कि परिसर में स्थिति शांतिपूर्ण है और रात में कोई अप्रिय घटना नहीं हुई। झड़प के बाद मंगलवार शाम परसिर के भीतर अर्धसैनिक बल केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) की तैनाती की गई।
गैर-स्थानीय छात्र मंगलवार को मार्च निकाल रहे थे, जब पुलिस ने उन्हें परिसर के मुख्य द्वार पर रोक दिया था। प्रदर्शनकारी छात्रों ने एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के साथ उस समय बदसलूकी की कोशिश की, जब उन्होंने छात्रों को सड़क पर मार्च नहीं निकालने के लिए कहा।
राजनाथ सिंह ने की महबूबा मुफ्ती से बात:
केन्द्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने आज जम्मू कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती को फोन करके उनके साथ छात्रों तथा पुलिस के बीच झड़पों का गवाह बने श्रीनगर के NIT की स्थिति पर चर्चा की।
सिंह ने ट्वीट किया कि उन्होंने श्रीनगर के एनआईटी में स्थिति के संबंध में जम्मू कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती से बात की। महबूबा ने उन्हें इस मुद्दे पर गौर करने और तत्काल कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
गृह मंत्री की टेलीफोन पर बातचीत ऐसे समय हुई जब पुलिस और कुछ बाहरी छात्रों के बीच एनआईटी परिसर में मामूली हाथापाई हुई थी। सूत्रों ने कहा कि कुछ छात्र परिसर के बाहर जाना चाहते थे जिसे पुलिस ने रोका जिससे झड़प हुई।
गौरतलब है कि T-20 विश्व कप के सेमीफाइनल मैच में वेस्टइंडीज के हाथों भारत की हार को लेकर पिछले शुक्रवार को एनआईटी श्रीनगर में स्थानीय और बाहरी राज्यों से आए छात्रों के बीच झड़प हो गई थीं, जिस कारण संस्थान को बंद कर दिया गया है। NIT में करीब 2500 छात्र और 400 अकादमी स्टाफ सदस्य हैं। संस्थान के ज्यादातर छात्र राज्य से बाहर के हैं।