नई दिल्ली: उईगुर नेता डोल्कुन ईसा का वीजा वापस लेने के मामले में चीनी दबाव के आगे झुकने के आरोपों के बीच भारत ने गुरुवार को अपना बचाव करते हुए कहा कि ईसा ने इसे हासिल करने के लिए तथ्यों को छिपाया। साथ ही भारत ने स्वीकार किया कि चीन ने नई दिल्ली के समक्ष अपना रूख स्पष्ट किया था कि इंटरपोल के रेड कॉर्नर नोटिस का सम्मान किया जाना चाहिए जो ईसा के खिलाफ जारी है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने कहा, ईसा ने इलेक्ट्रॉनिक ट्रैवल अथॉराइजेशन सिस्टम के तहत पर्यटक वीजा के लिए आवेदन दिया था। इसी मुताबिक उन्हें वीजा दिया गया। वीजा मिलने के बाद ईसा ने सार्वजनिक रूप से कहा कि वह भारत में एक सम्मेलन में हिस्सा लेने आ रहे हैं। इस तथ्य को वीजा आवेदन में छिपाया गया था और पर्यटन वीजा पर इसकी अनुमति नहीं है।
उन्होंने कहा, अधिकारियों के संग्यान में आया कि ईसा के खिलाफ इंटरपोल का रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया गया है। यह पूछने पर कि क्या ईसा को वीजा देने पर चीन ने भारत से आपत्ति जताई थी तो उन्होंने कहा, उन्होंने अपना रूख स्पष्ट किया था कि ईसा के खिलाफ इंटरपोल का रेड कॉर्नर नोटिस जारी है और इंटरपोल के सभी सदस्य देशों को इसका सम्मान करना चाहिए।
बहरहाल प्रवक्ता ने इन आरोपों से इंकार किया कि चीनी दबाव में वीजा वापस लिया गया और कहा कि ईसा ने तथ्यों को छिपाया था और इसी कारण उनका वीजा रद्द किया गया और भारतीय कार्रवाई में इसका कोई और मतलब नहीं निकाला जाना चाहिए।