नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश के इटावा से पुलिस की बेहद हैरान कर देने वाली तस्वीरें आई हैं। यूपी में होने वाले पंचायत चुनावों और त्योहारों की सुरक्षा के लिहाज से इटावा पुलिस लाइन में मॉक ड्रिल के दौरान फिटनेस, दंगा नियत्रंण, बंदूक चलाने, निशाना लगाने, हथ गोला फेंकने का टेस्ट हुआ। इसमें इटावा के तमाम स्टेशन ऑफिसर और सर्किल ऑफिसर शामिल हुए लेकिन ज्यदातर मॉक ड्रिल के दौरान जूझते ही नजर आए। दंगा नियंत्रण, गोला फेंकने, से लेकर बंदूक चलाने तक के टेस्ट में फेल रहे।
कुछ को SSP मंजिल सैनी ने फटकार भी लगाई। लेकिन बड़ा सवाल यही है कि जिन पुलिस वालों अपनी बंदूक तक नहीं संभलती वो कानून व्यवस्था कैसे संभालेंगे।
एक महिला थानाध्यक्ष के कितने आंसू गैस के गोले बंदूक में ही फुस्स हो गए लेकिन मैडम जी से बंदूक नहीं चली, पूरा शरीर थरथराता रहा, साथी सिपाही खिलखिलाते रहे, डांट-डपट और सारी ट्रेनिंग बेकार साबित हो रही थी। निशाना लगाना तो दूर महिला थानाध्यक्ष से तो बंदूक ही नहीं संभल रही थी।
घंटों की मश्शक्कत दर्जनों ट्रेनर और खुद SSP साहिबा ने मिलकर महिला थानाध्यक्ष को सिखाया, आखिरकार हौसला बंधाया गया तब जाकर कहीं मैडम जी के बंदूक से आंसू गैस का एक गोला दगा।
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