चेन्नई: बाढ़ प्रभावित चेन्नई और इसके उपनगरों ने पानी का स्तर कम होने के बाद अब बीमारियों के प्रकोप को रोकने की चुनौती के लिए कमर कस ली है। यहां सड़कों पर बड़ी मात्रा में कचरा और गाद जमा हो गयी है। वहीं आज शहरवासियों को धूप का दीदार होने से राहत मिली है और ट्रेन और हवाई सेवाएं बहाल हो गई है।
सड़कों पर पानी के स्तर में कमी आई है लेकिन अधिकतर निचले इलाके अब भी जलमग्न हैं और नालों में प्लास्टिक, गद्दे और तमाम तरह की अन्य चीजें जमा हो गयी हैं। पिछले कुछ दिनों में जमा हो गये कचरे को साफ करने के लिए करीब 25000 सफाई कर्मियों को लगाया गया है ताकि बीमारियों के प्रकोप से बचा जा सके।
बाढ़ पीडि़तों की मुख्य आशंका है कि उनके घरों के चारों तरफ फैली कीचड़ और गंदगी तथा प्रदूषित जल आपूर्ति से बीमारियों का प्रकोप नहीं फैलने लगे। मूसलाधार बारिश से राहत मिलने और सूरज निकलने के बीच शहर आज सामान्य स्थिति की ओर लौटता दिखाई दिया। चेन्नई हवाईअड्डे के निदेशक दीपक शास्त्री ने कहा कि विमानपत्तन से आज सुबह से परिचालन पूरी तरह सामान्य हो गया।
उन्होंने कहा कि हवाईअड्डे से शत प्रतिशत परिचालन हो रहा है। मुझे निजी एयरलाइन्स से समय-सारणी का इंतजार है। दक्षिण रेलवे के एक प्रवक्ता ने कहा कि सभी ट्रेनें और खासकर चेन्नई और इसके आसपास के इलाकों के लिए जाने वाली ट्रेनें आज सामान्य तरीके से चलने लगी हैं। हालांकि मौसम विज्ञानियों द्वारा अधिक बारिश के पूर्वानुमान की कल की गई घोषणा के बाद चेन्नई, कांचीपुरम और तिरवल्लूर में शिक्षण संस्थान बंद रहे।