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बैंकों में जमा की गई राशि अपने आप वैध नहीं हो जाएगी: जेटली

 Written By: IANS
 Published : Jan 08, 2017 10:44 pm IST,  Updated : Jan 08, 2017 10:44 pm IST

केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने रविवार को कहा कि नोटबंदी के बाद बैंकों में जमा की गई राशि अपने आप से वैध नहीं हो जाएगी और इसके मालिकों की पहचान कराधान प्रायोजन के लिए की जाएगी।

Arun Jaitley- India TV Hindi
Arun Jaitley Image Source : PTI

नई दिल्ली: केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने रविवार को कहा कि नोटबंदी के बाद बैंकों में जमा की गई राशि अपने आप से वैध नहीं हो जाएगी और इसके मालिकों की पहचान कराधान प्रायोजन के लिए की जाएगी। जेटली ने इस बात को दोहराया कि नोटबंदी के बाद सामने आने वाले नोट में ऐसे कई हैं जो अपनी आज तक की 'गुमनामी' से बाहर आ गए हैं।

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जेटली ने अपने फेसबुक पेज पर 'नोटबंदी-एक नजर बीते 2 महीनों पर' शीर्षक वाली पोस्ट में लिखा है, "तथ्य यह है कि बड़ी मात्रा में उच्च मूल्य वाले नोटों का बैंकों में जमा किए जाने का अर्थ यह नहीं है कि यह सभी वैध हैं।"उन्होंने कहा, "कालेधन का रंग इसलिए नहीं बदल जाएगा क्योंकि यह बैंक में जमा हो गया है। इसके विपरीत अब यह अपनी 'गुमनामी' को खो देगा और अब इसकी पहचान इनके मालिक से होगी।"

वित्त मंत्री ने कहा कि राजस्व विभाग को इस राशि पर कर निर्धारित करने का अधिकार है। उन्होंने कहा, "किसी भी मामले में आयकर अधिनियम में संशोधन यह अनुमति देता है बताई गई राशि चाहे स्वेच्छा से घोषित हो या अस्वेच्छा से, वह कराधान और जरूरत के हिसाब से दंड के अधीन होगी।"

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जेटली ने यह टिप्पणी इस हफ्ते आई उन मीडिया रिपोर्ट पर की जिसमें कहा गया कि नोटबंदी वाले करीब 97 फीसद नोट बैंकों में जमा हो गए हैं। इन रिपोर्ट में कहा गया कि 30 दिसंबर 2016 तक बैंकों में करीब 14.97 लाख करोड़ रुपये जमा किए गए।

भारतीय रिजर्व बैंक ने मामले पर स्पष्टीकरण देते हुए कहा कि इस तरह के अनुमान सही नहीं हो सकते क्योंकि विभिन्न करेंसी चेस्ट में एकत्रित राशि को अभी वास्तविक नकदी से मिलाने की जरूरत है। साथ ही गणना की गलतियों को दूर करने के लिए दोबारा गणना करने की जरूरत है।

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