नई दिल्ली: सोमवार को दिल्ली-एनसीआर समेत पूरे उत्तर भारत में भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। इसे संयोग कहें या इत्तफाक कि दुनिया में अभी तक जितनी बड़ी प्राकृतिक आपदा आई है चाहे वो भूकंप हो या सुनामी, उस दिन तारीख 26 ही रही है। आज भी 26 तारीख थी। इतना ही नहीं, बल्कि जो भी बड़े हादसे हुए हैं, वो भी इसी तारीख को हुए हैं।
अगर आंकड़ो पर गौर करें, तो इसकी पुष्टि हो जाती है। चीन में विनाशकारी भूकंप की तारीख 26 जुलाई 1976 थी। गुजरात में भूकंप आया, तब तारीख 26 जनवरी 2001 थी। हिंद महासागर में सुनामी 26 दिसंबर 2004 को आई थी। जापान में भूकंप 26 फरवरी 2010 को आया था। इसी साल नेपाल में आए भूकंप की तारीख 26 अप्रैल 2015 थी। आज आए भूकंप की तारीख भी 26 दिसंबर थी।
वैसे दुनियाभर में 13 को अशुभ माना जाता है लेकिन भारत में विनाशकारी हादसों की तारीख देखें तो 26 अनलकी दिख रही है। 26 दिसंबर 2004 को हिंदमहासागर में आई प्रलयंकारी सुनामी में हजारों लोगों की जान गई। गुजरात में 26 जनवरी 2001 को जबर्दस्त भूकंप आया।पिछले साल 26 मई को गुवाहाटी में बम ब्लास्ट हुए और अहमदाबाद में भी इस साल 26 जुलाई को सीरियल ब्लास्ट में कई लोगों ने अपनी जान गंवाई।
26 तारीख को देश में कब, कहां और क्या आपदा आई?
26 दिसंबर 2004 को देश को पहली बार प्रलयंकारी सुनामी लहरों का सामना करना पड़ा था। इंडोनेशिया के सुमात्रा द्वीप में रिक्टर पैमाने पर 9 की तीव्रता वाले भूकंप से हिंद महासागर में उठी सुनामी लहरों ने भारत को भी अपनी चपेट में ले लिया।
26 जुलाई, 2005 को मुंबई और महाराष्ट्र के कई हिस्सों में भारी पैमाने पर हुई बरसात और बाढ़ के बाद मची तबाही में कई जानें गईं. अनुमान के मुताबिक पूरे महाराष्ट्र में 1100 लोग बाढ़ में मरे और इसके बाद बीमारियों में ढाई सौ से ज्यादा लोगों की जानें गईं.
26 जनवरी 2001 गुजरात में आए भूकंप में लगभग 20 हजार लोगों ने अपनी जान गंवाई थी और हजारों घायल हुए थे। इस भूकंप में लाखों की संख्या में लोग बेघर हो गए थे। उनके पास सोने के लिए जमीन थी और सिर ढकने के लिए सिर्फ आसमान।
इसी साल 26 जुलाई को आंतकवादियों ने गुजरात को अपना निशाना बनाया था। गुजरात की राजधानी अहमदाबाद में आतंकवादियों ने सीरियल ब्लास्ट किए। इसमें 50 से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी।