1. Hindi News
  2. भारत
  3. राष्ट्रीय
  4. ‘जब पुरुष 4 निकाह कर सकते है तो मुस्लिम महिलाएं क्यों नहीं’

‘जब पुरुष 4 निकाह कर सकते है तो मुस्लिम महिलाएं क्यों नहीं’

 Written By: India TV News Desk
 Published : Mar 08, 2016 09:33 am IST,  Updated : Mar 08, 2016 09:33 am IST

केरल हाईकोर्ट के जज जस्टिस बी कमाल पाशा ने धर्मगुरुओं की मंशा पर सवाल उठाते हुए पूछा कि मुस्लिम पर्सनल लॉ को आधार मानकर अगर मुस्लिम पुरुष चार बीवियां रख सकते हैं तो मुस्लिम महिलाएं क्यों नहीं चार पति रख सकती हैं।

muslim- India TV Hindi
muslim

नई दिल्ली: केरल हाईकोर्ट के जज जस्टिस बी कमाल पाशा ने धर्मगुरुओं की मंशा पर सवाल उठाते हुए पूछा कि मुस्लिम पर्सनल लॉ को आधार मानकर अगर मुस्लिम पुरुष चार बीवियां रख सकते हैं तो मुस्लिम महिलाएं क्यों नहीं चार पति रख सकती हैं। रविवार को कोझिकोड में महिला वकीलों के एनजीओ की ओर से आयोजित एक सेमिनार में जस्टिस पाशा ने कहा कि मुस्लिम पर्सनल लॉ महिलाओं के खिलाफ कई नियमों से भरा पड़ा है। जस्टिश पाशा ने बहुविवाह के लिए मुस्लिम धार्मिक नेताओं को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि नाजुक मुद्दों पर आत्ममंथन की जरूरत है।

प्रगतिशील महिलाओं के मंच निसा और पुनर्जनी चैरिटेबल ट्रस्ट के एक सेमिनार में जस्टिस पाशा ने रविवार को कहा कि कुरान वास्तव में महिलाओं को फस्ख के जरिए बिना काननू के पास गए तलाक का अधिकार देता है जबकि मुस्लिम पर्सनल लॉ औरतों को यह हक नहीं देता लेकिन दूसरी ओर मर्दों को तलाक का अधिकार देता है। उन्होंने कहा कि यह भेदभाव है और ऐसे हालात पैदा कर देने वाले धार्मिक नेताओं को इस मुद्दे पर बात करने से शर्म नहीं करनी चाहिए। उन्हें यह भी सोचना चाहिए कि क्या वे कोई फैसला देने की काबिलियत रखते हैं। उनसे फैसला लेने वाले लोगों को भी इस बारे में सोचना चाहिए।

सेमिनार में जस्टिस पाशा ने अचानक ही पूछ दिया कि एक औरत चार शौहर नहीं रख सकती जबकि एक मर्द को चार बीवियां रखने का अधिकार है। उन्होंने कहा कि एक सामान्य जिंदगी जीने के लिए किसी मर्द या औरत को बस एक जीवनसाथी की जरूरत होती है। संविधान पुरुषों और महिलाओं को बराबरी का हक देता है। उन्होंने कहा कि देश के सभी कानूनों को अनुच्छेद 14 और 21 के अंतर्गत लाया जाना चाहिए जो बराबरी और जीवन जीने के अधिकार की गारंटी देते हैं। जस्टिस पाशा ने कहा कि मुस्लिम पर्सनल लॉ में कमियां इस वजह से भी हैं कि इन्हें ठीक से लिखा नहीं गया है।

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। National से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें भारत