हरिद्वार: उत्तराखंड में चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन कालनेमी’ के तहत हरिद्वार पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए साधु-संत का वेश धारण कर लोगों के बीच घूम रहे 40 लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस का आरोप है कि ये लोग धार्मिक पहचान छिपाकर भगवा वस्त्र पहनकर और कंठी-माला धारण कर श्रद्धालुओं से दान-दक्षिणा ले रहे थे तथा उनकी धार्मिक आस्था का फायदा उठा रहे थे। हरिद्वार के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह के निर्देश पर पुलिस ने कलियर शरीफ और आसपास के क्षेत्रों में व्यापक सत्यापन अभियान चलाया।
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बंगाल समेत अन्य राज्यों से हरिद्वार पहुंचे थे फर्जी साधु
अभियान के दौरान साधु-संत के वेश में घूम रहे कई लोगों के पहचान पत्र और दस्तावेजों की जांच की गई। जांच में 40 लोग संदिग्ध पाए गए, जिन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। पुलिस के अनुसार, पूछताछ और दस्तावेजों की जांच के दौरान सामने आया कि गिरफ्तार किए गए लोगों में अकबर, सलमान, नजीर, वसीम, आमिर और महताब जैसे नाम शामिल हैं। इनमें से कुछ लोग पश्चिम बंगाल समेत अन्य राज्यों से हरिद्वार पहुंचे थे। पुलिस का कहना है कि ये लोग साधु बनकर धार्मिक स्थलों और चारधाम यात्रा मार्गों पर बैठते थे।
फर्जी साधुओं के खिलाफ पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा
पुलिस ने बताया कि पकड़े गए फर्जी साधुओं में कुछ लोग तंत्र-मंत्र करने का दावा करते थे, जबकि कुछ भजन गाकर भीख मांगते थे। जांच के दौरान सभी लोग संदिग्ध गतिविधियों में लिप्त पाए गए। इस कार्रवाई के बाद पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया। पुलिस ने सभी आरोपितों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि धार्मिक आस्था की आड़ लेकर लोगों को गुमराह करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। असामाजिक गतिविधियों में शामिल तत्वों पर लगातार नजर रखी जा रही है और ऐसे लोगों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
‘ऑपरेशन कालनेमी’ के तहत कार्रवाई जारी रहेगी
गौरतलब है कि उत्तराखंड सरकार और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पहले भी फर्जी साधुओं और ढोंगियों के खिलाफ अभियान चलाने की बात कह चुके हैं। इसी कड़ी में ‘ऑपरेशन कालनेमी’ शुरू किया गया है, जिसके तहत धार्मिक भावनाओं का दुरुपयोग करने वाले लोगों की पहचान कर कार्रवाई की जा रही है। पुलिस का कहना है कि अभियान आगे भी जारी रहेगा और कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों तथा धार्मिक आस्था का गलत फायदा उठाने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे। इससे पहले भी इसी तरह के अभियानों में कई फर्जी साधु और ढोंगी पकड़े जा चुके हैं।