Aap Ki Adalat: दुनिया के सबसे अमीर 'बिहारी', वेदांता ग्रुप के हेड अरबपति उद्योगपति अनिल अग्रवाल ने पहली बार इस बात का खुलासा किया कि कैसे वे पटना के एक स्क्रैप डीलर से दुनिया की अरबपतियों की फोर्ब्स लिस्ट में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि वेदांता समूह अगले 200-300 वर्षों तक गंगा की तरह पवित्र और निरंतर बहता रहेगा साथ ही कंपनी के शेयर का मूल्य और लाभ लगातार बढ़ता रहेगा। साथ ही उन्होंने लंदन के अमीर लोगों के बीच कैसे एंट्री ली इसका दिलचस्प किस्सा भी सुनाया।
इंडिया टीवी पर प्रसारित रजत शर्मा के लोकप्रिय शो 'आप की अदालत' में अनिल अग्रवाल ने अपने जीवन के कई अनसुने राज़ खोले। उन्होंने कहा, कारोबार में अगर आगे रहना हो, तो प्रजेंटेशन, टाइमिंग और जोखिम लेने के क्षमता ज़रूरी है। यह कार्यक्रम आज रात 10 बजे दोबारा इंडिया टीवी पर टेलीकास्ट होगा।
हर युवा के सामने नौकरी चुनने का विकल्प हो
अनिल अग्रवाल ने कहा, "मैं उस दिन का सपना देखता हूं जब भारत के हर युवा के सामने नौकरी चुनने का विकल्प होगा.... भारत माता के पास बहुत सारे प्राकृतिक संसाधन हैं जिनका अभी तक दोहन नहीं हुआ है... गाय माता की तरह, अगर आप रोज़ गाय का दूध नहीं दुहेंगे, तो वह स्वस्थ नहीं रहेगी, और सही देखभाल से उसकी ज़िंदगी बेहतर होगी।"
उन्होंने कहा, "मैं आप सभी से एक आंदोलन शुरू करने की अपील करता हूं। भारत में तेल, गैस, तांबा और सोने की कोई कमी नहीं है।... हिंदुस्तान अभी खुल गया है। हमारी सरकार बहुत अच्छी है। आने वाले दिनों में उसमें क्षमता है। हमारे पास 15-20 डिफेंस की फैक्ट्रियां हैं। आने वाले दिनों में मुझे लगता है ह्यूमन रिसोर्स, नेचुरल रिसोर्स हावी रहेगा... पूरी दुनिया में आज हिंदुस्तानियों ने नाम किया है और मैं भी उनमें हूं। अगर हिंदुस्तानी किसी कंपनी में नौकरी करता है, उस कंपनी में कोई गड़बड़ नहीं हो सकती।"
सेमी कंडक्टर
यह पूछे जाने पर कि वे अपने सेमी-कंडक्टर प्लान से पीछे क्यों हट गए, अनिल अग्रवाल ने कहा: "मेरे को समझ में आया कि जो काम मैं समझता हूं, वही मुझे सुविधा देता है, आज पूरी दुनिया में हम काम करते हैं, हम ऑयल, गैस निकालते हैं, एल्युमिनियम, जिंक, कॉपर का काम करते हैं, तो ये सारी चीजें मेरी पसंद की हैं। मेरे सहयोगी बहुत अच्छे थे, इसको आगे बढ़ा रहे थे, मेरी एक ही बेटी है, 11 साल की पोती भी है. हम बहुत दुखी हो गए थे, हम उत्तर भारत के हैं, और बेटी ने एक दक्षिण भारतीय से शादी कर ली। मैं 6 महीने डिप्रेशन में था, लेकिन बाद में पता चला, वह इतना अच्छा लड़का है, मैंगलोर का है, टॉप इंजीनियर है, MBA किया हुआ है, वह भी हमारा बेटा ही हो गया। वो टेक्नोलॉजी में है, इसलिए हम सेमी-कंडक्टर में गए थे,..लेकिन ये जो छोटी-सी ज़िंदगी में हम कर रहे हैं, वही ठीक है।
रजत शर्मा: आप कहना चाहते हैं कि आप अपनी कोर कॉम्पिटेंस वाले एरिया में ही रहना चाहते हैं?
अनिल अग्रवाल: जी, जी...छोटा मोटा कुछ कर लिया, वो अलग है, लेकिन मेन फोकस उस पर....
बाल्को (BALCO) को कैसे खरीदा
अनिल अग्रवाल ने बताया कि कैसे उनकी कंपनी स्टरलाइट ने 2001 में प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के शासन के दौरान सरकार की नवरत्न कंपनी भारत एल्युमिनियम को खरीदा था। अनिल अग्रवाल ने बताया, "अटल जी के समय हमने भारत एल्युमिनियम को Rs 550 करोड़ में लिया, मेरे जो फाइनेंस वाले थे, बोले, सर बैंक में तो सिर्फ Rs 5 करोड़ है। मैंने कहा, ले लो। आज मैं यहां डिस्क्लोज कर रहा हूं, हमने सभी बैंकों को चिट्ठी लिखी ये कह कर कि नवरत्न कंपनी BALCO हम खरीदेंगे, जो बैंक पहले आएगा, उससे हम पहले कर्ज़ लेंगे। हमें 550 करोड़ की जगह 2000 करोड़ कर्ज़ का ऑफर आ गया। अरुण जी (जेटली) मुझे अटल जी के पास ले गए, अटल जी ने कहा इतनी बड़ी कंपनी हम आपको दे रहे हैं। अटल जी बोले, आप एक भी वर्कर को निकालेंगे नहीं। हमने कहा, हम 5 गुना वर्कर बढ़ाएंगे। अरुण जी बहुत सुलझे हुए आदमी थे। उन्होंने मुझे कैसे पीएम के सामने प्रेजेंट किया, यह ईश्वर की बड़ी कृपा थी।
बिहार के लिए प्लान
अनिल अग्रवाल ने बिहार में फैक्ट्री लगाने के किसी भी प्रस्ताव पर गंभीरता से विचार करने का वादा किया। उन्होंने बिहार में एक स्टेडियम बनाने का भी वादा किया. बिहार के खिलाड़ी ईशान किशन और वैभव रघुवंशी जैसे हैं. उन्होंने कहा, IPL में बिहार की भी एक टीम होनी चाहिए।
महाराजा अनिल कुमार
अनिल अग्रवाल ने कहा, मुंबई में फैक्ट्री खरीदने के बाद वे लंदन चले गए, जहां वे 15-17 साल तक रहे। उन्होंने कहा, "वहां पर क्या हो गया कि इज्जत नहीं मिलती थी, बड़े-बड़े आदमियों का क्लब था, रात में नाइट क्लब भी गए, लेकिन वो हमको हीन भावना से देखते थे। तो मुझे inferiority complex हो जाता था। मुझे लगा, हमारा कोई बैकग्राउंड नहीं है, हमारा ऐसा कोई खानदान नहीं है, ....वहां हो गया था काम। लिस्टिंग (कंपनी की) भी करा ली थी। लेकिन जो चमक आनी चाहिए, जो दिलीप कुमार, शाहरुख खान होना था, वो नहीं हो पा रहा था, लंदन में कोई हमें जानता नहीं था। तो हमने अपना कार्ड बनवाया। महाराजा अनिल कुमार। वहां महाराजा बोल देते हो तो आपका पद बहुत ऊंचा हो जाता है। कार्ड छपवा लिए, वाइफ से कहा, दोनों बच्चों को साथ में लेकर चलो। वाइफ को लगा, मेरा दिमाग हिल गया है। सोच रही थी, 6 महीने बाद वापस आ जाएंगे, ... मुझे दो साल लगे। भारत में अपनी कंपनी 300 करोड़ की हो गई थी। उसको इंडिया में डीलिस्ट कराके लंदन ले गए। वहां 4000 करोड़ में लिस्ट करा दिया....आप लोगों को बताऊं, एक ही बात है - जितनी कहानी बनाइएगा, उतना आगे बढ़िएगा। कहानी बनाना बहुत ज़रूरी है, झूठ मत बोलिए।