केंद्रीय जांच ब्यूरो CBI को एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। सीबीआई ने भारत के पूर्व गृह मंत्री मुफ्ती मोहम्मद की बेटी डॉ. रूबिया सईद के अपहरण से संबंधित 35 साल पुराने मामले में वांछित भगोड़े शफात अहमद शांगलू को गिरफ्तार कर लिया है। बता दें कि आरोपी शांगलू पर 1989 में आतंकवादी यासीन मलिक और अन्य के साथ मिलकर RPC और TADA अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत अपराध करने की साजिश का आरोप है। बता दें कि रूबिया सईद अपहरण केस भारत के इतिहास की एक अहम घटना मानी जाती है।
10 लाख रुपये का था इनाम
जानकारी के मुताबिक, रूबिया सईद के अपहरण केस से संबंधित पकड़े गए आरोपी शफात अहमद शांगलू के ऊपर 10 लाख रुपये का इनाम घोषित था। वह 35 साल पुराने इस मामले में वांटेड था। अब आरोपा को कानून के अनुसार निर्धारित समय के भीतर टाडा कोर्ट जम्मू के समक्ष पेश किया जाएगा।
यहां जानें क्या था ये अपहरण कांड
डॉ. रुबिया सईद के अपहरण की घटना 8 दिसंबर 1989 को जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर में घटी थी। बता दें कि वह भारत के तत्कालीन गृह मंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद की बेटी थीं। रुबिया सईद का अपहरण जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (JKLF) के आतंकवादियों ने किया था। अपहरणकर्ताओं ने रुबैया सईद की रिहाई के बदले में 5 आतंकवादियों को छोड़ने की मांग की, जिसे तत्कालीन प्रधानमंत्री वीपी सिंह की सरकार ने स्वीकार कर लिया था।
यासीन मलिक पर आरोप तय
डॉ. रुबिया सईद के अपहरण के मामले में यासीन मलिक (JKLF प्रमुख) और अन्य आरोपियों पर आरोप तय किए गए हैं। रुबिया सईद ने कोर्ट में यासीन मलिक सहित कुछ अन्य अपहरणकर्ताओं की पहचान भी की है। बता दें कि अपहरण की यह घटना कश्मीर में आतंकवाद के बढ़ने का एक महत्वपूर्ण मोड़ मानी जाती है।
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