भुवनेश्वर: बंगाल की खाड़ी में बने एक गहरे दबाव के कारण ओडिशा के कई हिस्सों में भारी बारिश होने की पूरी संभावना है। इस प्राकृतिक आपदा से निपटने के लिए राज्य सरकार और प्रशासन ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। मुख्य सचिव के कड़े निर्देशों के बाद, दक्षिणी ओडिशा के जिला अधिकारियों और संबंधित विभागों के साथ एक अहम समीक्षा बैठक की गई ताकि बचाव और राहत कार्यों की तैयारियों का जायजा लिया जा सके और उन्हें पुख्ता किया जा सके।
संवेदनशील इलाकों की पहचान की गई
प्रशासन ने बारिश और बाढ़ से प्रभावित हो सकने वाले संवेदनशील इलाकों की पहचान कर ली है। लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए खतरे वाले जिलों में चक्रवात और बाढ़ राहत शिविर स्थापित कर दिए गए हैं। आपात स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक सामग्री और बचाव उपकरणों का पर्याप्त स्टॉक भी तैयार कर लिया गया है। इसके साथ ही स्वास्थ्य और अन्य सभी इमरजेंसी सेवाओं को हाई अलर्ट पर रखा गया है। नदियों, जलाशयों और डैम के जल स्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है, जिसमें विशेष रूप से उन पहाड़ी इलाकों पर ज्यादा ध्यान दिया जा रहा है जहां भूस्खलन का खतरा बना रहता है।
बारिश या बाढ़ से जुड़ी किसी भी आपात स्थिति में तुरंत बचाव कार्य शुरू करने के लिए ओड्राफ की कुल 33 टीमें मैदान में उतारी गई हैं। इनमें से 24 टीमें राज्य के सबसे संवेदनशील और खतरे वाले जिलों में तैनात कर दी गई हैं, जबकि बाकी बची 9 टीमों को छत्रपुर में रिजर्व रखा गया है, ताकि जरूरत पड़ने पर उन्हें तुरंत किसी भी प्रभावित इलाके में भेजा जा सके।
कई जिलों में रेड अलर्ट जारी
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने भारी से बहुत भारी बारिश को लेकर कई जिलों में रेड अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग की चेतावनी के अनुसार, बुधवार और गुरुवार को कोरापुट, गजपति और गंजम जिलों में अत्यधिक भारी बारिश होने की संभावना है। इसके अलावा 24 और 25 सितंबर के लिए कालाहांडी, नबरंगपुर, कोरापुट और मलकानगिरी जिलों में भी रेड अलर्ट जारी किया गया है।
जल संसाधन विभाग बारिश की मात्रा, पानी के बहाव, नदियों के जल स्तर और डैम की स्थितियों की बारीकी से निगरानी कर रहा है। समुद्र में तेज लहरें उठने और हालात खराब होने की आशंका को देखते हुए मछुआरों को सख्त हिदायत दी गई है कि वे 24 सितंबर तक समुद्र में मछली पकड़ने के लिए बिल्कुल न जाएं।
स्थानीय प्रशासन ने लोगों की सुरक्षा के लिए विशेष अपील जारी की है। आम जनता से कहा गया है कि वे जलभराव वाले और निचले इलाकों के साथ-साथ नदियों, नालों, झरनों या तेज बहते पानी के पास जाने से पूरी तरह बचें। भूस्खलन की आशंका वाले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। इसके अलावा लोगों से यह भी आग्रह किया गया है कि वे किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल स्थानीय प्रशासन या मौसम विभाग द्वारा दी गई आधिकारिक जानकारी और दिशा-निर्देशों का ही पालन करें।
इससे पहले ओडिशा में डीप डिप्रेशन का असर दिखा था और 11 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी हुआ था और मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई थी। (रिपोर्ट- ओडिशा से शुभम कुमार)
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