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मटन खिलाकर चुनाव नहीं जीता जाता, नितिन गडकरी बोले- 'लोगों का प्यार और विश्वास कमाएं'

 Reported By: Yogendra Tiwari Edited By: Avinash Rai
 Published : Jul 24, 2023 11:08 am IST,  Updated : Jul 24, 2023 11:08 am IST

उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान प्रचार के लिए बड़े-बड़े होर्डिंग लगाए जाते हैं। लेकिन इससे चुनाव नहीं जीता जाता। चुनाव के दौरान कोई प्रलोभन दिखाने के बजाय लोगों के दिलों में विश्वास और प्यार पैदा करें।

Election is not won by feeding mutton, Nitin Gadkari said Earn people love and trust- India TV Hindi
नितिन गडकरी Image Source : INDIA TV

सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी महाराष्ट्र के नागपुर में शिक्षक परिषद के विद्यार्थी सत्कार कार्यक्रम में भाग लेने पहुंचे थे। यहां उन्होंने कार्यक्रम में लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि चुनाव में होर्डिंग लगाने, लोगों को मटन खिलाने से चुनाव नहीं जीता जाता है। लोगों का विश्वास और प्यार बनाए। लोग आकर कहते हैं एमपी, एमएलए, एमएलसी हमें बना दीजिए। यह नहीं हुआ तो मेडिकल कॉलेज, इंजीनियरिंग कॉलेज ,B।Ed, D।ed कॉलेज दे दीजिए। यह भी नहीं हुआ तो प्राइमरी स्कूल दे दीजिए। इससे मास्टर की आधी पगार हमें मिल जाएगी। 

नितिन गडकरी बोले- मटन खिलाकर नहीं जीता जाता चुनाव

उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान प्रचार के लिए बड़े-बड़े होर्डिंग लगाए जाते हैं। लेकिन इससे चुनाव नहीं जीता जाता। चुनाव के दौरान कोई प्रलोभन दिखाने के बजाय लोगों के दिलों में विश्वास और प्यार पैदा करें। यह बात केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने शिक्षक परिषद के विद्यार्थी सत्कार कार्यक्रम मे बोल रहे थे। केंद्रीय मंत्री सलाह दी कि प्रचार के होर्डिंग्स लगाने या मटन पार्टी देने से कोई चुनाव नहीं जीता जा सकता। जनता का विश्वास और प्यार बनाएं। चुनाव के दौरान कोई प्रलोभन दिखाने के बजाय लोगों के दिलों में विश्वास और प्यार पैदा करें।

युवाओं को कल बांटे रोजगार पत्र

बीते कल नितिन गडकरी नागपुर में युवाओं को रोजगार पत्र बांटे। इस दौरान उन्होंने युवाओं को सलाह दी कि पॉजिटिविटी, ट्रांसपेरेंसी, करप्शन फ्री सिस्टम, टाइमबाउंड डिसीजन मेकिंग सिस्टम होना चाहिए। गडकरी ने उदाहरण देते हुए कहा कि उनके एक अधिकारी हैं जो किसी भी फाइल का 3 महीने अध्ययन करते हैं। आईआईटी से पढ़े हुए हैं। उनको सलाह दी है कि रिसर्च एंड ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट के डायरेक्टर बन जाइए। यहां तुम्हारी जरूरत नहीं है। उन्होंने युवाओं से कहा कि एक बार गलत निर्णय किया तो चलेगा। इसके लिए इरादा साफ होना चाहिए। लेकिन किसी भी फाइल को महीनों तक दबाकर रखना ये ठीक नहीं है।

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