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गोवा क्लब फायर कांड: 2024 में खत्म हो चुका था ट्रेड लाइसेंस पर सोता रहा प्रशासन, मजिस्ट्रियल जांच में बड़े खुलासे

 Reported By: Abhay Parashar Edited By: Shakti Singh
 Published : Dec 28, 2025 12:33 pm IST,  Updated : Dec 28, 2025 12:33 pm IST

जांच में सामने आया है कि प्रशासनिक अधिकारियों की मिली भगत से क्लब चल रहा था। इसके खिलाफ कार्रवाई का आदेश भी जारी हुआ था, जिसमें बाद में स्टे लगा दिया गया था। क्लब का ट्रेड लाइसेंस मार्च 2024 में ही खत्म हो चुका था।

Goa Fire- India TV Hindi
गोवा क्लब अग्निकांड की जांच करते अधिकारी Image Source : PTI

उत्तरी गोवा के अर्पोरा स्थित ‘बिर्च बाय रोमियो लेन’ क्लब में आग की घटना को लेकर 4 सदस्यीय मजिस्ट्रियल जांच रिपोर्ट सामने आई है। जांच में स्थानीय पंचायत, गोवा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और गोवा कोस्टल जोन मैनेजमेंट अथॉरिटी की गंभीर लापरवाहियां उजागर हुई हैं। रिपोर्ट के मुताबिक क्लब संचालन की “प्राथमिक जिम्मेदारी स्थानीय पंचायत” पर तय की गई थी। ट्रेड लाइसेंस मार्च 2024 में खत्म हो चुका था, इसके बावजूद पंचायत ने न तो परिसर सील किया और न ही संचालन रोका। पंचायत ने ढहाने (डिमोलिशन) का आदेश तो जारी किया, लेकिन स्टे लगने से पहले उपलब्ध समय में कार्रवाई नहीं की।

जांच में सामने आया है कि जिस संपत्ति पर क्लब चल रहा था, वह 1996 से अस्तित्व में है, जहां पहले दो रेस्टोरेंट संचालित हो चुके थे। जांच में वर्षों से चली आ रही सिस्टमेटिक फेल्योर की बात सामने आई है। न्यायिक आयोग की जांच में ये भी सामने आया कि इको-सेंसिटिव जोन/साल्ट पैन इलाके में निर्माण किया गया। इस दौरान ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट के बिना निर्माण किया गया।  

शिकायतों के बावजूद एनओसी जारी किए

जांच में हुए खुलासों से सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि शिकायतों के बावजूद पंचायत ने नो ऑबजेक्शन सर्टिफेकेट कैसे जारी कर दिए। इस क्लब को ट्रेड, एक्साइज, फूड सेफ्टी लाइसेंस, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की अनुमति मिली थी। क्लब के लिए अलग-अलग एनओसी पंचायत और सरकारी विभागों द्वारा जारी की गई थीं। गोवा कोस्टल जोन मैनेजमेंट अथॉरिटी भी जांच के घेरे में है।

दो शिकायतों पर नहीं हुआ एक्शन

कोस्टल रेगुलेसन जोन उल्लंघन और अवैध निर्माण को लेकर दो लिखित शिकायतें मिलीं थीं। इसके बावजूद कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। मजिस्ट्रियल रिपोर्ट ने प्रशासनिक लापरवाही और मिलीभगत की परतें खोल दी हैं। अरपोरा गांव में छह दिसंबर को एक नाइट क्लब में आग लग गई थी। इस अग्निकांड में 25 लोगों की मौत हो गई थी। 

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