1. Hindi News
  2. भारत
  3. राष्ट्रीय
  4. भारत सरकार ने लेफ्टिनेंट जनरल एन एस राजा सुब्रमणि को देश का नया CDS नियुक्त किया, जानें उनके बारे में

भारत सरकार ने लेफ्टिनेंट जनरल एन एस राजा सुब्रमणि को देश का नया CDS नियुक्त किया, जानें उनके बारे में

 Written By: Rituraj Tripathi @riturajfbd
 Published : May 09, 2026 06:52 am IST,  Updated : May 09, 2026 07:38 am IST

लेफ्टिनेंट जनरल एन एस राजा सुब्रमणि (सेवानिवृत्त) को देश का नया चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ बनाया गया है। वह पहले भी कई बड़े पदों पर जिम्मेदारी निभा चुके हैं।

CDS - India TV Hindi
चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ एन एस राजा सुब्रमणि Image Source : ANI

नई दिल्ली: देश को नया CDS यानी चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ मिल गया है। भारत सरकार ने लेफ्टिनेंट जनरल एन एस राजा सुब्रमणि (सेवानिवृत्त) को नया चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ नियुक्त किया है। एन एस राजा सुब्रमणि, कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से लेकर, अगले आदेश तक भारत सरकार के सैन्य मामलों के विभाग के सचिव के रूप में भी कार्य करेंगे।

कौन हैं एन एस राजा सुब्रमणि?

लेफ्टिनेंट जनरल एन एस राजा सुब्रमणि 1 सितंबर, 2025 से राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय में सैन्य सलाहकार हैं। इससे पहले, वे 1 जुलाई, 2024 से 31 जुलाई, 2025 तक सेना स्टाफ के उप प्रमुख और मार्च 2023 से जून 2024 तक केंद्रीय कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ थे।

गौरतलब है कि देश के वर्तमान CDS जनरल अनिल चौहान का कार्यकाल 30 मई, 2026 को समाप्त हो जाएगा। 

CDS का पद कितना अहम?

CDS यानी चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ का पद काफी अहमियत रखता है। इस पद पर बैठा व्यक्ति, भारत की तीनों सेनाओं यानी थल सेना, वायु सेना और नौसेना के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करता है। अभी तक ये जिम्मेदारी जनरल अनिल चौहान संभाल रहे थे लेकिन 30 मई, 2026 को उनके कार्यकाल के समाप्त होने के बाद इस जिम्मेदारी को लेफ्टिनेंट जनरल एन एस राजा सुब्रमणि संभालेंगे।

भारत में CDS के पद की घोषणा 2019 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के भाषण में की थी। देश के पहले CDS जनरल बिपिन रावत थे जोकि साल 2021 में हेलिकॉप्टर दुर्घटना में शहीद हो गए थे। इसके बाद देश के सीडीएस पद की कमान जनरल अनिल चौहान को मिली। 

भारत में Chief of Defence Staff (CDS) पद की जरूरत कारगिल युद्ध के बाद से ही महसूस की गई क्योंकि इस युद्ध में तीनों सशस्त्र बलों (थलसेना, नौसेना और वायुसेना) के बीच समन्वय की कमी दिखाई दी थी। ऐसे में उच्च स्तरीय निर्णय लेने की प्रक्रिया में कमी सामने आई थी। ऐसे में ये जरूरी था कि कोई ऐसा व्यक्ति हो, जो तीनों सेनाओं के बीच समन्वय स्थापित कर सके। इसी जरूरत ने CDS के पद का निर्माण करवाया।

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। National से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें भारत