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IRCTC Scam: क्या तेजस्वी की जमानत होगी रद्द ? आज सीबीआई की विशेष अदालत में होंगे पेश

 Written By: Niraj Kumar
 Published : Oct 18, 2022 07:10 am IST,  Updated : Oct 18, 2022 09:15 am IST

IRCTC Scam: बिहार के डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव के लिए आज का दिन काफी अहम साबित होने वाला है। कोर्ट ने अगर बेहद सख्ती बरती को उनकी जमानत रद्द हो सकती है और उन्हें जेल जाना पड़ सकता है। ऐसे में उनकी डिप्टी सीएम की कुर्सी भी खतरे में पड़ सकती है।

Tejashwi yadav, Deputy CM, Bihar- India TV Hindi
Tejashwi yadav, Deputy CM, Bihar Image Source : INDIA TV

Highlights

  • सीबीआई ने जमानत रद्द करने की मांग को लेकर विशेष अदालत में दी थी अर्जी
  • तेजस्वी पर धमकी देने और जांच को प्रभावित करने की कोशिश का आरोप लगाया
  • CBI ने 2017 में तेजस्वी, लालू समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ दर्ज किया था केस

IRCTC Scam: बिहार के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव (Tejashwi yadav) आज आईआरसीटीसी ( IRCTC) घोटाला मामले में सीबीआई (CBI) की विशेष अदालत में पेश होंगे। सीबीआई ने उनकी जमानत रद्द करने की मांग को लेकर विशेष अदालत में अर्जी दाखिल की थी। सीबीआई की इस अर्जी के बाद विशेष अदालत ने तेजस्वी यादव को नोटिस जारी किया था। इसी सिलसिले में वे आज सीबीआई की विशेष अदालत में पेश होंगे। तेजस्वी आईआरसीटीसी घोटाला मामले में पहले से ही जमानत पर चल रहे हैं।

धमकी देने और जांच प्रभावित करने की कोशिश का आरोप

सीबीआई ने अपनी याचिका में तेजस्वी पर धमकी देने और जांच को प्रभावित करने की कोशिश का आरोप लगाया था। दरअसल, तेजस्वी ने सीबीआई छापेमारी को लेकर 25 अगस्त को प्रेस कांफ्रेंस कर सीबीआई पर टिप्पणी की थी। जिसके बाद सीबीआई ने 17 सितंबर को विशेष अदालत में याचिका दाखिल की थी। सीबीआई ने अपनी याचिका में तेजस्वी पर धमकी देने, संविधान को नीचा दिखाने और जांच को प्रभावित करने की कोशिश का आरोप लगाया। याचिका में कहा गया है कि क्योंकि तेजस्वी यादव अभी प्रभावशाली पद पर हैं और उनकी ओर से कही बातें जांच को प्रभावित कर सकती हैं। 

क्या है IRCTC घोटाला ?

दरअसल, सीबीआई ने 2017 में तेजस्वी यादव, लालू यादव, राबड़ी देवी समेत दूसरे आरोपियों के खिलाफ IRCTC घोटाले में केस दर्ज किया था। इस मामले में 2018 में तेजस्वी यादव को जमानत मिली थी। यह पूरा मामला साल 2004 से 2009 के बीच का है जब आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव रेल मंत्री थे। उस दौरान IRCTC के रांची और पुरी के दो होटलों को लीज पर प्राइवेट कंपनी को दिया गया था। आरोप है कि होटलों को लीज पर दिए जाने के बदले पटना के बेली रोड में करीब तीन एकड़ की कीमती जमीन लालू परिवार को दी गई। पहले ये जमीन डिलाइट कंपनी को दी गई और उसके बाद इसे राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव की स्वामित्व वाली लारा प्रोजेक्ट कंपनी प्राइवेट लिमिटेड को बेच दी गई।आरोप है कि रेलवे के होटलों को लीज पर देने के एवज में डिलाइट कंपनी को जमीन दी गई और बाद में उस कंपनी से लारा कंपनी ने काफी कम कीमत में जमीन खरीद ली। डिलाइट कंपनी आरजेडी नेता प्रेमचंद गुप्ता की पत्नी की है।

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