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'अगर आरोप सच हैं तो यह दिनदहाड़े धोखाधड़ी है', वेटनरी ऑफिसर की भर्ती में गड़बड़ी पर कर्नाटक HC की टिप्पणी

 Written By: Vinay Trivedi @JournoVinay
 Published : Jul 30, 2026 11:04 am IST,  Updated : Jul 30, 2026 11:28 am IST

कर्नाटक पब्लिक सर्विस कमीशन के वेटनरी ऑफिसर रिक्रूटमेंट 2023-24 में कथित गड़बड़ियों की CBI जांच कराने की मांग वाली याचिका हाईकोर्ट में दायर हुई है, जिसपर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने सख्त टिप्पणी की।

कर्नाटक हाईकोर्ट...- India TV Hindi
कर्नाटक हाईकोर्ट वेटनरी ऑफिसर की भर्ती 2023-24 में गड़बड़ी मामले की सुनवाई करेगा। Image Source : PTI

कर्नाटक पब्लिक सर्विस कमीशन यानी KPSC में वेटनरी ऑफिसर की भर्ती में कथित गड़बड़ियों की CBI जांच की मांग वाली अर्जी पर सुनवाई करते हुए कर्नाटक हाईकोर्ट ने कड़ी टिप्पणी की। हाईकोर्ट की बेंच ने कहा, 'अगर लगाए गए आरोप सच हैं, तो यह दिनदहाड़े धोखाधड़ी है।' इसके साथ ही, हाईकोर्ट ने इस मामले की अगली सुनवाई तारीख भी अगले हफ्ते के लिए तय कर दी। इसके अलावा, कर्नाटक सरकार से अब तक हुई आंतरिक जांच की स्थिति की जानकारी रिकॉर्ड पर रखने के लिए हाईकोर्ट ने कहा है।

एग्जाम के पहले ही WhatsApp ग्रुप्स पर लीक हो गया था पेपर

बता दें कि यह याचिका KPSC के कैंडिडेट्स के एक ग्रुप और KPSC के एक पूर्व सदस्य ने दायर की थी। इस याचिका में 300 से अधिक वेटनरी ऑफिसर पदों के लिए 2023-24 की भर्ती प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर गड़बड़झाले का आरोप लगाया गया था। आरोप के मुताबिक, एग्जाम से 48 घंटे पहले ही WhatsApp ग्रुप्स पर पेपर और आंसर-की लीक हो गए थे।

पक्के सिलेक्शन के लिए 80 लाख रुपये की मांग

याचिकाकर्ताओं ने एक वायरल वीडियो और ऑडियो क्लिप के बारे में भी बताया, जिसमें कुछ अज्ञात लोगों को कथित रूप से पक्के सिलेक्शन के लिए हर अभ्यर्थी से 80 लाख रुपये की डिमांड करते हुए सुना गया था। अन्य आरोपों में बेंगलुरु, मैसूर और कलबुर्गी के कुछ खास एग्जाम सेंटर्स पर बड़े पैमाने पर नकल और किसी और की जगह एग्जाम देने जैसी बातें और मूल्यांकन में गड़बड़ी शामिल हैं।

इंटरव्यू में असामान्य रूप से दिए गए मार्क्स

याचिकाकर्ताओं ने दावा किया है कि लिखित परीक्षा में बहुत कम मार्क्स पाने वाले अभ्यर्थियों को इंटरव्यू और वाइवा स्टेज में असामान्य तौर पर ज्यादा मार्क्स दिए गए। गौरतलब है कि याचिकाकर्ताओं ने इस पूरी सिलेक्शन प्रक्रिया को रद्द करने और CBI जांच की डिमांड की है। उनका तर्क है कि कर्नाटक की SIT के पास इसमें कथित रूप से शामिल प्रभावशाली लोगों की पड़ताल करने के लिए न तो जरूरी संसाधन हैं और न ही आजादी। इससे पहले, कर्नाटक हाईकोर्ट ने मेडिकल काउंसलिंग कमेटी के नीट पीजी क्वालीफाइंग परसेंटाइल को जीरो करने के हालिया फैसले के संबंध में केंद्र को नोटिस जारी किया था

(इनपुट- भाषा)

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