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Karnataka News: कर्नाटक हाईकोर्ट ने CBI को सौंपी बिल्डर रघुनाथ की मौत के मामले की जांच, फंदे पर लटका मिला था शव

 Edited By: Shailendra Tiwari
 Published : Sep 09, 2022 02:25 pm IST,  Updated : Sep 09, 2022 02:25 pm IST

Karnataka News: जस्टिस एम.नागप्रसन्ना ने 3 सितंबर के अपने फैसले में सीबीआई को मामले की जांच करने और 6 महीने के भीतर संबंधित अदालत को अपनी रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया।

High Court of Karnataka- India TV Hindi
High Court of Karnataka Image Source : FILE PHOTO

Highlights

  • 6 महीने के भीतर संबंधित कोर्ट को रिपोर्ट सौंपने का निर्देश
  • रघुनाथ के आदिकेशवालु के साथ घनिष्ठ संबंध थे
  • एक संपत्ति बेचने की योजना बना रहे थे रघुनाथ

Karnataka News: कर्नाटक हाईकोर्ट ने भवन निर्माण क्षेत्र से जुड़े कारोबारी के.रघुनाथ की मौत के मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को सौंप दी है। रघुनाथ की पत्नी एम.मंजुला और बेटे रोहित ने इस संबंध में कर्नाटक हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। दिवंगत शराब कारोबारी और व्यवसायी डी.के.आदिकेशवालु के बेटे डी.ए.श्रीनिवास और बेटी डी.ए.कल्पजा मामले के आरोपियों में शामिल हैं।

6 महीने के भीतर संबंधित कोर्ट को रिपोर्ट सौंपने का निर्देश

जस्टिस एम.नागप्रसन्ना ने 3 सितंबर के अपने फैसले में सीबीआई को मामले की जांच करने और 6 महीने के भीतर संबंधित अदालत को अपनी रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया। 4 मई 2019 को व्हाइटफील्ड इलाके में श्रीनिवास के गेस्ट हाउस में रघुनाथ का शव फंदे पर लटका पाया गया था। मृतक की पत्नी और बेटे का आरोप है कि घटना से दो दिन पहले रघुनाथ और कल्पजा ने रघुनाथ को बुलाया था।

रघुनाथ के आदिकेशवालु के साथ घनिष्ठ संबंध थे

शिकायत में दावा किया गया है कि रघुनाथ के आदिकेशवालु के साथ घनिष्ठ संबंध थे। पूर्व संसद सदस्य आदिकेशवालु का 24 अप्रैल 2013 को निधन हो गया था। आरोप लगाया गया है कि आदिकेशवालु की मौत के बाद श्रीनिवास ने रघुनाथ से यह दावा करना शुरू कर दिया कि उनके (रघुनाथ) नाम पर बेंगलुरु में विभिन्न स्थानों पर खरीदी गई संपत्ति में उनके पिता (आदिकेशवालु) द्वारा दिया गया धन लगा है।

श्रीनिवास चाहते थे कि वे संपत्तियां उन्हें वापस कर दी जाए

शिकायत के मुताबिक, श्रीनिवास चाहते थे कि वे संपत्तियां उन्हें वापस कर दी जाए। पीड़ित परिवार का दावा है कि रघुनाथ ने जोर देकर कहा था कि संपत्तियां उनके अपने पैसे से खरीदी गई थीं। आरोप है कि श्रीनिवास के परिसरों पर आयकर विभाग की छापेमारी के लिए रघुनाथ को जिम्मेदार ठहराया गया था। इस बीच, रघुनाथ ने वसीयत करते हुए अपनी संपत्ति पत्नी के नाम कर दी थी।

एक संपत्ति बेचने की योजना बना रहे थे रघुनाथ

रघुनाथ 4 मई, 2019 को एक संपत्ति बेचने की योजना बना रहे थे और इसकी भनक लगने पर श्रीनिवास और कल्पजा ने उन्हें दो मई, 2019 को मिलने बुलाया था। रघुनाथ ने कथित तौर पर चार मई की सुबह अपनी पत्नी को फोन कर उनकी जान को खतरा होने की बात कही थी। जब रघुनाथ का बेटा उनके बारे में जानकारी जुटाने पहुंचा तो पिता को फांसी पर लटका पाया।

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