ओडिशा में लगातार बारिश और तेज हवाओं के बीच जटणी-पिपिली मुख्य मार्ग पर एक बड़ा पेड़ गिर गया। पेड़ सड़क के बीचों-बीच गिरने से इस मार्ग पर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह प्रभावित हो गई। इससे करीब 2 घंटे तक जटणी-पिपिली मुख्य मार्ग पर यातायात ठप रहा। ओडिशा में सक्रिय डीप डिप्रेशन यानी गहरे दबाव के क्षेत्र के प्रभाव से कई इलाकों में बारिश और तेज हवाएं चल रही हैं। इसी दौरान जटणी-पिपिली मुख्य सड़क पर पेड़ गिरने की घटना सामने आई।
मौके पर पेड़ गिरने के कारण सड़क पर वाहनों की लंबी कतार लग गई और लोगों को आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ा। पेड़ के सड़क पर गिरने से दोनों तरफ से यातायात प्रभावित हुआ। रेस्क्यू टीमों द्वारा कई देर तक ऑपरेशन के बाद पेड़ को काटा गया और आवाजाही बहाल हो पाई।
भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, डीप डिप्रेशन तट को पार कर चुका है और इस समय उत्तर तटीय आंध्र प्रदेश के ऊपर बना हुआ है। यह सिस्टम पिछले 6 घंटों के दौरान करीब 3 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ा। इसने 23 सितंबर की रात 11 बजे से 24 सितंबर की रात 1 बजे के बीच आंध्र प्रदेश के कलिंगपट्टनम के दक्षिण-पश्चिम में तट को डीप डिप्रेशन के रूप में पार किया। इस दौरान इसकी अधिकतम लगातार हवा की रफ्तार 55 से 65 किलोमीटर प्रति घंटे रही, जबकि हवा के झोंकों की रफ्तार 75 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंची।
24 सितंबर को सुबह 5:30 बजे डीप डिप्रेशन का केंद्र उत्तर तटीय आंध्र प्रदेश में 18.3° उत्तर लैटिट्यूड और 83.7° पूर्व लोंगिट्यूड के पास था। यह कलिंगपट्टनम से करीब 50 किलोमीटर पश्चिम, विशाखापट्टनम से करीब 80 किलोमीटर उत्तर-उत्तर पूर्व और ओडिशा के गोपालपुर से करीब 170 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम में स्थित था।
मौसम विभाग के अनुसार, यह सिस्टम अगले करीब 12 घंटे तक डीप डिप्रेशन की तीव्रता बनाए रखते हुए शुरुआत में उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ सकता है। इसके बाद अगले 24 घंटों के दौरान इसके उत्तर-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ने और धीरे-धीरे कमजोर होने की संभावना है। इसी खराब मौसम के बीच जटणी-पिपिली मुख्य मार्ग पर पेड़ गिरने से करीब दो घंटे तक यातायात प्रभावित रहा। सड़क पर गिरे पेड़ को हटाए जाने के बाद ही इस मार्ग पर यातायात सामान्य होने की स्थिति बनी। (रिपोर्ट: शुभम कुमार)