1. Hindi News
  2. भारत
  3. राष्ट्रीय
  4. 'भारत का इतिहास सिर्फ गुलामी का नहीं, योद्धाओं का इतिहास है', लचित बोड़फुकन के 400वें जयंती समारोह में बोले पीएम मोदी

'भारत का इतिहास सिर्फ गुलामी का नहीं, योद्धाओं का इतिहास है', लचित बोड़फुकन के 400वें जयंती समारोह में बोले पीएम मोदी

 Edited By: Akash Mishra
 Published : Nov 25, 2022 01:38 pm IST,  Updated : Nov 25, 2022 01:38 pm IST

देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि भारत का इतिहास वीरता का रहा है लेकिन दुर्भाग्य से आजादी के बाद भी वह इतिहास पढ़ाया जाता रहा जो गुलामी के समय साजिश के तहत रचा गया था।

पीएम मोदी(फाइल फोटो)- India TV Hindi
पीएम मोदी(फाइल फोटो) Image Source : ANI

देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि भारत का इतिहास वीरता का रहा है लेकिन दुर्भाग्य से आजादी के बाद भी वह इतिहास पढ़ाया जाता रहा जो गुलामी के समय साजिश के तहत रचा गया था। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद जरूरत थी कि भारत को गुलाम बनाने वाले विदेशियों के एजेंडे को बदला जाता लेकिन ऐसा नहीं किया गया। पीएम मोदी दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में पूर्ववर्ती अहोम साम्राज्य के जनरल लचित बोड़फूकन की 400वीं जयंती पर साल भर आयोजित कार्यक्रमों के समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि भारत का इतिहास सिर्फ गुलामी का इतिहास नहीं है, भारत का इतिहास योद्धाओं का इतिहास है, अत्याचारियों के विरूद्ध अभूतपूर्व शौर्य और पराक्रम दिखाने का इतिहास है।

पहले की गलती को अब सुधारा जा रहा है- पीएम मोदी

इससे पहले, पीएम ने बोड़फुकन की 400वीं जयंती के उपलक्ष्य में लगाई गई प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया। इस अवसर पर असम के सीएम हिमंत विश्व शर्मा, राज्यपाल जगदीश मुखी और केन्द्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। उन्होंने कहा कि भारत का इतिहास सिर्फ गुलामी का इतिहास नहीं है, भारत का इतिहास योद्धाओं का इतिहास है, अत्याचारियों के विरूद्ध अभूतपूर्व शौर्य और पराक्रम दिखाने का इतिहास है। उन्होंने कहा कि भारत का इतिहास वीरता की परंपरा का रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसे बलिदानियों को मुख्यधारा में ना लाकर जो गलती पहले की गई उसे सुधारा जा रहा है और लचित बोड़फूकन की जयंती को मनाने के लिए दिल्ली में किया गया यह आयोजन इसी का प्रतिबिंब है। 

'देश अपनी विरासत पर गर्व करने भाव से  भरा हुआ है'

प्रधानमंत्री ने कहा कि देश आज गुलामी की मानसिकता को छोड़ अपनी विरासत पर गर्व करने के भाव से भरा हुआ है। पीएम ने कहा कि भारत ना सिर्फ अपनी सांस्कृतिक विविधता का उत्सव मना रहा है बल्कि अपनी संस्कृति के ऐतिहासिक नायक-नायिकाओं को भी गर्व से याद कर रहा है। मोदी ने कहा कि बोड़फकून ऐसे वीर योद्धा थे, जिन्होंने दिखा दिया कि हर आतंकी का अंत हो जाता है लेकिन भारत की अमर ज्योति अमर बनी रहती है। 

असम में 24 नवंबर को इसलिए मनाया जाता है लचित दिवस

मालूम हो कि लचित बोड़फूकन के 400वें जयंती वर्ष समारोह का उद्घाटन पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने इसी साल फरवरी में असम के जोरहाट में किया था। लचित बोड़फूकन असम के पूर्ववर्ती अहोम साम्राज्य में एक सेनापति थे। सरायघाट के 1671 के युद्ध में उनके नेतृत्व के लिए उन्हें जाना जाता है। इस युद्ध में औरंगजेब के नेतृत्व वाली मुगल सेना का असम पर कब्जा करने का प्रयास विफल कर दिया गया था। इस विजय की याद में असम में 24 नवंबर को लचित दिवस मनाया जाता है। 

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। National से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें भारत।