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जेल के अंदर कैदी चला रहे मोबाइल और देख रहे टीवी, मंत्री ने दिए जांच के आदेश, मांगी रिपोर्ट

 Edited By: Dhyanendra Chauhan
 Published : Nov 09, 2025 09:48 pm IST,  Updated : Nov 09, 2025 09:53 pm IST

जेल के दौरान कैदियों द्वारा मोबाइल फोन चलाए जाने और टीवी देखने पर कारागार मंत्री ने नाराजगी जताई है। साथ ही उन्होंने जांच के आदेश देते हुए अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (कारागार) से इस मामले पर रिपोर्ट भी मांगी है।

सांकेतिक तस्वीर- India TV Hindi
सांकेतिक तस्वीर Image Source : FREEPIK

कर्नाटक के गृह मंत्री जी परमेश्वर ने रविवार को कहा कि उन्होंने बेंगलुरु केंद्रीय कारागार में कथित अनियमितताओं को गंभीरता से लिया है। सोशल मीडिया पर कुछ ऐसे वीडियो सामने आए हैं, जिनमें कथित रूप से नजर आ रहा है कि कैदी जेल के अंदर टेलीविजन देख रहे हैं और एंड्रॉयड फोन का इस्तेमाल कर रहे हैं। परमेश्वर ने कहा कि उन्होंने अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (कारागार) बी दयानंद से रिपोर्ट मांगी है। 

वीडियो वायरल होने के बाद जांच शुरू

मंत्री ने खामियां पाये जाने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है। जेल अधिकारियों ने शनिवार को कथित वीडियो के वायरल होने के बाद जांच शुरू की। इन वीडियो में कथित तौर पर कई कैदी इलेक्ट्रॉनिक उपकरण तक पहुंच समेत विशेष सुविधाएं प्राप्त करते हुए नजर आ रहे हैं। 

दोषी उमेश रेड्डी मोबाइल चलाता हुआ दिखा

सूत्रों के अनुसार, एक क्लिप में बलात्कार के दोषी उमेश रेड्डी एंड्रॉयड फोन का इस्तेमाल करते हुए दिखाई दे रहा है, जबकि उसकी बैरक के अंदर एक टेलीविजन सेट लगा हुआ था। रेड्डी पर यौन अपराधों के कई आरोप हैं। 

गलत चीजें नहीं की जाएंगी बर्दाश्त- मंत्री

मंत्री ने कहा, ‘मैंने उनसे (एडीजीपी दयानंद) रिपोर्ट देने को कहा है। अगर रिपोर्ट संतोषजनक नहीं रही, तो मैं एक अलग समिति गठित करूंगा और सुधार के कदम उठाऊंगा। मैं गलत चीजें बर्दाश्त नहीं करूंगा। बहुत हो गया, क्योंकि ऐसी घटनाएं दोबारा नहीं होनी चाहिए।’ 

पहचान करके कार्रवाई के दिए गए आदेश

परमेश्वर ने कहा कि उन्होंने एडीजीपी को इन खामियों के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की पहचान करके उनके खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा, ‘वे (जेल अधिकारी) अक्सर कहते हैं कि कर्मचारियों की कमी है, लेकिन मौजूदा कर्मचारियों को कम से कम अपना काम अच्छी तरह से करना चाहिए। यह कोई बहाना नहीं है। अगर वे कर्मचारियों की कमी के बहाने टीवी, मोबाइल फ़ोन और दूसरी चीजें मुहैया कराते हैं, तो इसे जेल क्यों कहा जाए?’ 

जेल के अंदर पार्टी करते नजर आए कैदी

उन्होंने कहा कि सरकार ने जेलों में सीसीटीवी कैमरे और जैमर लगाने की मंज़ूरी पहले ही दे दी है। जेल अधिकारियों ने कहा कि वीडियो की प्रामाणिकता की पुष्टि करने और ऐसी सुविधाएं सुगम बनाने के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान करने के लिए एक आंतरिक जांच शुरू की गई है। इस बीच, बेंगलुरु सेंट्रल जेल का कथित तौर पर एक और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसमें कैदी पार्टी करते, नाचते और शराब एवं मांसाहारी भोजन करते हुए देखे गए। (भाषा के इनपुट के साथ)

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