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क्या संविधान से ये दो शब्द हटा दिए जाएंगे? RSS के दत्तात्रेय होसबोले ने की मांग

 Edited By: Niraj Kumar
 Published : Jun 27, 2025 01:42 pm IST,  Updated : Jun 27, 2025 11:42 pm IST

दत्तात्रेय होसबाले ने कहा कि बाबा साहेब आंबेडकर ने जो संविधान बनाया, उसकी प्रस्तावना में ये शब्द कभी नहीं थे। इमरजेंसी के दौरान जब मौलिक अधिकार निलंबित कर दिए गए, संसद काम नहीं कर रही थी, न्यायपालिका पंगु हो गई थी।

Dattatreya Hosbale- India TV Hindi
दत्तात्रेय होसबोले Image Source : FILE

राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (RSS) ने संविधान की प्रस्तावना में समाजवादी और धर्मनिरपेक्ष शब्दों की समीक्षा करने का बड़ा मुद्दा उठाया है। आरएसएस में नंबर-2 कद के माने जाने वाले दत्तात्रेय होसबोले ने कहा है कि समाजवादी और धर्मनिरपेक्ष शब्द इमरजेंसी के दौरान शामिल किए गए थे और ये कभी भी उस संविधान का हिस्सा नहीं थे, जिसे बीआर आंबेडकर ने तैयार किया था।

कब जोड़े गए थे ये शब्द?

आरएसएस महासचिव दत्तात्रेय होसबाले ने कहा कि बाबा साहेब आंबेडकर ने जो संविधान बनाया, उसकी प्रस्तावना में ये शब्द कभी नहीं थे। इमरजेंसी के दौरान जब मौलिक अधिकार निलंबित कर दिए गए, संसद काम नहीं कर रही थी, न्यायपालिका भी पंगु हो गई थी, तब ये शब्द जोड़े गए। दत्तायेत्र होसबोले ने कहा कि इस मुद्दे पर बाद में चर्चा हुई लेकिन प्रस्तावना से उन्हें हटाने का कोई प्रयास नहीं किया गया। होसबाले ने कहा, इसलिए उन्हें प्रस्तावना में रहना चाहिए या नहीं, इस पर विचार किया जाना चाहिए।

इमरजेंसी को लेकर आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर बाद में भी चर्चा हुई लेकिन कभी इसे प्रस्तावना से हटाने पर विचार नहीं किया गया। होसबोले ने कहा-इन शब्दों को प्रस्तावना में रहना चाहिए या नहीं, इस पर विचार किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, प्रस्तावना शाश्वत है। क्या समाजवाद के विचार भारत के लिए एक विचारधारा के रूप में शाश्वत हैं?

इमरजेंसी के दौरान लोगों पर जुल्म हुए

दत्तात्रेय होसबोले ने  25 जून, 1975 को घोषित इमरजेंसी के दिनों को याद करते हुए कहा कि उस दौरान हजारों लोगों को जेल में डाल दिया गया था। लोगों पर काफी जुल्म हुए। वहीं न्यायपालिका और मीडिया की स्वतंत्रता पर भी अंकुश लगाया गया था।

कांग्रेस पर साधा निशाना

दत्तात्रेय होसबोले ने कहा कि इमरजेंसी के दौरान देश में बड़े पैमाने पर नसबंदी भी की गई थी। उन्होंने कहा- जो लोग इन चीजों में शामिल थे, वे आज संविधान की प्रति लेकर घूमकर रहे हैं। उन लोगों ने माफी नहीं मांगी है। वे माफी मांगें। कांग्रेस पर निशाना साधते हुए होसबोले ने कहा-आपके पूर्वजों ने ऐसा किया, आपको इसके लिए देश से माफी मांगनी चाहिए।

 

 

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