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ड्रीम प्रोजेक्ट 'श्री लक्ष्मी नरसिम्हा स्वामी मंदिर' का मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव ने किया उद्घाटन, 14.5 एकड़ क्षेत्रफल में फैला है मंदिर परिसर

 Edited By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Mar 28, 2022 12:30 pm IST,  Updated : Mar 28, 2022 12:43 pm IST

सीएम केसीआर का यादाद्री ड्रीम प्रोजेक्ट है। उन्होंने इस मंदिर के भव्य उद्घाटन की योजना बनाई थी, लेकिन कोरोना महामारी के चलते इसमें देरी हुई। मंदिर का निर्माण पूरा करने में 4 साल लग गए।

Sri Lakshmi Narasimha Swamy Temple- India TV Hindi
Sri Lakshmi Narasimha Swamy Temple Image Source : ANI

Highlights

  • 'श्री लक्ष्मी नरसिम्हा स्वामी मंदिर' का मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव ने किया उद्घाटन
  • मंदिर का विशाल परिसर 14.5 एकड़ क्षेत्रफल में फैला हुआ है
  • मंदिर के शीर्ष पर बनी संरचना में 125 किलो सोना लगाया गया है

हैदराबाद: तेलंगाना के यादाद्री भुवनागिरी ज़िले में पुनर्निमित 'श्री लक्ष्मी नरसिम्हा स्वामी मंदिर' का मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव ने सोमवार को उद्घाटन किया। उसके बाद पूजा-अर्चना भी की। सीएम केसीआर का यादाद्री ड्रीम प्रोजेक्ट है। उन्होंने इस मंदिर के भव्य उद्घाटन की योजना बनाई थी, लेकिन कोरोना महामारी के चलते इसमें देरी हुई। मंदिर का निर्माण पूरा करने में 4 साल लग गए। 

मंदिर निर्माण के दौरान प्रतिदिन लगभग 500 मूर्तियों का निर्माण किया गया। मंदिर में विशेष रूप से इंदौर से बने सांकू चक्र प्रतीकों से सजी कतार रेखाएं लगाई गई हैं। गर्भगृह का मुख्य प्रवेश द्वार सोने से ढका है। मंदिर में तंजौर शैली की पेंटिंग भी लगाई गई है। मंदिर के शीर्ष पर बनी संरचना में 125 किलो सोना लगाया गया है । इसे सीएम केसीआर, उनके मंत्रिमंडल, सहयोगियों और कई उद्योगपतियों ने मंदिर के नाम दान दिया है। वहीं केसीआर ने अपने परिवार की तरफ से 1116 किलोग्राम सोना दान किया है। इसके अलावा केसीआर सरकार के कई मंत्रियों, विधायकों, सांसदों, व्यापारिक घरानों के लोगों ने भी मंदिर बनाने में पूरा सहयोग किया है। 

यह मंदिर राजधानी हैदराबाद से करीब 80 किमी की दूरी पर स्थित है। मंदिर का विशाल परिसर 14.5 एकड़ क्षेत्रफल में फैला हुआ है। तेलंगाना राज्य गठन के बाद यादाद्री मंदिर की परियोजना पर अप्रैल 2016 से कार्य शुरू हुआ था। मंदिर के निर्माण में सीमेंट का प्रयोग नहीं हुआ है। मंदिर के निर्माण में 2.5 लाख टन ग्रेनाइट के पत्थर लगाए गए हैं। 

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