1. Hindi News
  2. भारत
  3. राष्ट्रीय
  4. Uttarakhand Rains: बद्रीनाथ हाईवे से गुजर रहे यात्री सावधान, लामबगड़ के पास बना नया भूस्खलन जोन

Uttarakhand Rains: बद्रीनाथ हाईवे से गुजर रहे यात्री सावधान, लामबगड़ के पास बना नया भूस्खलन जोन

 Written By: Khushbu Rawal
 Published : Jul 20, 2022 03:34 pm IST,  Updated : Jul 20, 2022 03:34 pm IST

Uttarakhand Rains: कभी बद्रीनाथ हाईवे पर लामबगड़ भूस्खलन जोन परेशानी का सबब बना हुआ था। 2013 के आपदा में इसका और विस्तार हो गया था। आपदा के बाद से ही इसके स्थायी ट्रीटमेंट की कार्ययोजना बनाई गई और विदेशी इंजीनियरों से भी राय ली गई।

Landslide- India TV Hindi
Landslide Image Source : PTI (REPRESENTATIONAL IMAGE)

Highlights

  • लामबगड़ टू के नाम से उभर आया नया भूस्खलन जोन
  • मानसून के दौरान हर दिन यहां पर हाईवे बाधित हो रहा है
  • इस भूस्खलन जोन में SDRF और पुलिस हर समय तैनात

Uttarakhand Rains: बद्रीनाथ हाईवे पर 40 साल से ज्यादा वक्त से भूस्खलन (Landslide) के चलते नासूर बना लामबगड़ भूस्खलन जोन भले ही इस बार शांत हो, लेकिन इससे सटे क्षेत्र में नया भूस्खलन जोन बन गया है। हल्की वर्षा में यह भूस्खलन जोन कहर बरपा रहा है। इससे यात्रियों सहित आम नागरिकों को खासी परेशानी हो रही है। कभी बद्रीनाथ हाईवे पर लामबगड़ भूस्खलन जोन परेशानी का सबब बना हुआ था। 2013 के आपदा में इसका और विस्तार हो गया था। आपदा के बाद से ही इसके स्थायी ट्रीटमेंट की कार्ययोजना बनाई गई और विदेशी इंजीनियरों से भी राय ली गई। पहले तो नदी के किनारे चेकडैम बनाकर भू-कटाव रोकने का प्रयास हुआ, लेकिन यह निर्माण के दौरान ही आपदा की भेंट चढ़ गया।

लामबगड़ टू के नाम से उभर आया नया भूस्खलन जोन

फिर नदी के किनारे से ही दीवार खड़ी कर यहां पर चौड़ी सड़क बनाई गई। पहाड़ी से भूस्खलन रोकने के लिए जाल बिछाया गया। इस पूरी योजना पर करीब 98 लाख रुपये खर्च हुए। वर्ष 2020 से यह भूस्खलन जोन तो स्थायी ट्रीटमेंट के बाद शांत हो गया, परंतु इसके पास ही लामबगड़ टू के नाम से नया भूस्खलन जोन उभर आया है।

हर दिन बाधित हो रहा है हाईवे
इस यात्रा सीजन में मानसून के दौरान हर दिन यहां पर हाईवे बाधित हो रहा है। इससे लगे खचड़ानाला के भी उफान पर आने से हाईवे पर ट्रैफिक रोकना पड़ रहा है। इस भूस्खलन जोन में वाहनों की आवाजाही के लिए SDRF और पुलिस हर समय तैनात है। बता दें कि यहां पर साफ मौसम में भी भूस्खलन आम बात है।

चमोली जिलाधिकारी हिमांशु खुराना ने बताया कि, खचड़ानाला भूस्खलन जोन में बीआरओ की ओर से पुल बनाया जाना है। पुल निर्माण से समस्या सुलझ जाएगी, जबकि लामबगड़ नाला लोनिवि से बीआरओ को हस्तांरित हो गया है। बीआरओ को इस 500 मीटर क्षेत्र में स्थाई ट्रीटमेंट के लिए कार्ययोजना बनाने को कहा गया है।

बद्रीनाथ हाईवे पर नरकोटा के पास पुल का हिस्सा गिरा
वहीं, आपको बता दें कि उत्तराखंड के बद्रीनाथ हाईवे पर नरकोटा के पास निर्माणाधीन पुल का हिस्सा गिरने से कई लोग मलबे के नीचे दब गए हैं। रेस्क्यू टीम ने 6 लोगों को मलबे से बाहर निकाल लिया है, लेकिन 4 से 5 लोगों के मलबे में दबे होने की खबर है। इस हादसे में करीब आधा दर्जन लोगों के घायल होने की खबर मिली है। एसडीआरएफ और पुलिस की टीमें रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही हैं। बता दें कि नारकोटा में जिस जगह ये हादसा हुआ है, वह रुद्रप्रयाग से 6 किलोमीटर दूर है। ये जगह ऋषिकेश-बद्रीनाथ हाईवे पर है। ये जानकारी एसडीआरएफ ने दी है।

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। National से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें भारत