नई दिल्ली: दिल्ली से राज्यसभा की रिक्त हो रही तीन सीटों पर चुनाव के लिए गत 29 दिसंबर को अधिसूचना जारी होने के साथ ही चुनावी प्रक्रिया तो शुरू हो गयी है लेकिन तीनों सीटों की प्रबल दावेदार आम आदमी पार्टी (AAP) में अब तक उम्मीदवारों के नाम पर असमंजस बरकरार है।
इस बारे में आप नेतृत्व की चुप्पी के बीच पार्टी के सूत्रों ने सिर्फ इतना ही बताया कि उम्मीदवारों का खुलासा अंतिम क्षणों में किया जाएगा। संसद के उच्च सदन में उम्मीदवारी की दावेदारी को लेकर आप के संस्थापक सदस्य कुमार विश्वास के बगावती सुरों को देखते हुए पार्टी नेताओं ने सोची समझी रणनीति के तहत ही उम्मीदवारों के नाम सार्वजनिक नहीं किए हैं।
दिल्ली के हिस्से की तीनों राज्यसभा सीटों पर 70 सदस्यीय दिल्ली विधानसभा में 66 विधायकों वाली आप के ही उम्मीदवारों का चुना जाना लगभग तय है। इसलिए उम्मीदवारी को लेकर विपक्षी दल, भाजपा और कांग्रेस खेमों में कोई हलचल नहीं है।
चुनाव कार्यक्रम के मुताबिक आप को नामांकन पत्र दाखिल करने की अंतिम तारीख पांच जनवरी तक अपने उम्मीदवारों की घोषणा करना अनिवार्य है। आप के एक वरिष्ठ नेता ने बताया कि पार्टी की राजनीतिक मामलों की समिति (पीएसी) उम्मीदवारों के नाम तय करेगी। अभी तक पीएसी की बैठक की तारीख तय नहीं की गई है।
बैठक की तारीख तय नहीं हो पाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि आठ सदस्यीय पीएसी के दो सदस्य, आप संयोजक अरविंद केजरीवाल और दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया, दिल्ली से बाहर हैं, इनके वापस आने पर ही पीएसी की बैठक आहूत की जायेगी।
स्पष्ट है कि केजरीवाल और सिसोदिया नए के साल की छुट्टी पर अंडमान निकोबार गए हैं और दो जनवरी को इनके दिल्ली वापस लौटने पर उम्मीदवारों के नाम तय किए जायेंगे। केजरीवाल के एक निजी सहायक ने बताया ‘‘पीएसी की बैठक आहूत करने और उम्मीदवारों के नाम तय करने की पार्टी नेताओं में कोई हड़बड़ी नहीं है, महज एक व्हाट्सएप संदेश पर चंद घंटों में बैठक कभी भी बुलाई जा सकती है।’’