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सैफई महोत्सव के उद्घाटन समारोह में नहीं पहुंचे अखिलेश, कयासबाजी शुरू

 Written By: Bhasha
 Published : Dec 27, 2015 05:36 pm IST,  Updated : Dec 27, 2015 05:40 pm IST

इटावा: उत्तर प्रदेश में सत्तारूढ समाजवादी पार्टी के मुखिया मुलायम सिंह यादव के पैतृक गांव सैफई में सालाना होने वाले रंगारंग महोत्सव की कल धूमधाम से शुरूआत तो हो गयी लेकिन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की

akhilesh yadav- India TV Hindi
akhilesh yadav

इटावा: उत्तर प्रदेश में सत्तारूढ समाजवादी पार्टी के मुखिया मुलायम सिंह यादव के पैतृक गांव सैफई में सालाना होने वाले रंगारंग महोत्सव की कल धूमधाम से शुरूआत तो हो गयी लेकिन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की अनुपस्थिति भी चर्चा का विषय रही।

हालांकि मुख्यमंत्री के सैफई महोत्सव उद्घाटन समारोह में न पहुंचने के बारे में आधिकारिक रूप से कोई जानकारी उपलब्ध नहीं है लेकिन पार्टी सूत्रों ने आज यहां बताया कि चूंकि अखिलेश पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष भी हैं इसलिए हो सकता है कि वे उनके करीबी समझे जाने वाले दो युवा नेताओं सुनील यादव उर्फ साजन तथा आनंद भदौरिया के निष्कासन से अपसेट हों।

साजन सपा छात्र सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष थे जबकि भदौरिया लोहिया वाहिनी के राष्ट्रीय अध्यक्ष रह चुके हैं। एटा से पार्टी विधायक रामेश्वर यादव के बेटे सुबोध यादव को भी शनिवार को पार्टी विरोधी गतिविधियों के कारण दल से निकाल दिया गया है।

18 साल पहले शुरू हुआ सैफई महोत्सव प्रदेश में सत्तारूढ यादव परिवार का पारिवारिक जलसा माना जाता रहा है जिसके उद्घाटन समारोह में परिवार के सभी सदस्य उपस्थित रहते हैं। पिछली बार भी मुख्यमंत्री अखिलेश यादव अपनी सांसद पत्नी डिंपल और बच्चों के साथ उद्घाटन समारोह में उपस्थित थे।

यह समारोह 11 जनवरी तक चलेगा जिसमें पाकिस्तानी गायक राहत फतेह अली खां और गजल गायक पिनाज मसानी तथा बॉलीबुड के अनेक कलाकार अपने कार्यक्रम प्रस्तुत करेंगे और कई तरह के सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जायेगा। सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव के भाई शिवपाल और चचेरे भाई रामगोपाल की मौजूदगी में कल समारोह का उद्घाटन किया गया। रामगोपाल ने दीप प्रज्ज्वलित किया और पूजा हवन किया।

इस मौके पर सपा मुखिया ने केन्द्र में सत्तारूढ मोदी सरकार को निशाना बनाया और कहा कि चुनाव से पहले भाजपा ने वादा किया था कि वह सत्ता में आई तो विदेशी बैंकों में जमा देश का कालाधन वापस लाया जाएगा और हर व्यक्ति के खाते में 15-15लाख जमा किए जाएंगे। पैसा तो नहीं आया उल्टे सरकारी खजाना भी खाली पड़ा है ऐसे में विकास कैसे होगा।

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