नई दिल्ली: दिल्ली की एक अदालत ने वर्ष 2006 में दिल्ली में हुए प्रदर्शन के दौरान हंगामा करने तथा पुलिसकर्मियों पर हमले के लिये लोगों को उकसाने के एक मामले में भाजपा नेताओं रमेश बिधूड़ी, विजय गोयल, विजय जॉली एवं बालकिशन को आरोपमुक्त कर दिया है। अतिरिक्त मुख्य मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट समर विशाल ने उन्हें मामले में राहत देते हुए कहा कि दिल्ली पुलिस की ओर से दायर आरोपपत्र अधूरी और खारिज करने योग्य है तथा आरोपियों की पहचान के लिये कोई जांच नहीं की गयी।
अदालत ने मामले में आरोपी व्यक्तियों के खिलाफ सुनवाई खारिज करते हुए कहा , ‘‘ आरोपियों की संलिप्तता के बारे में साक्ष्य अस्पष्ट और स्वीकार्य नहीं हैं। इसलिए ऐसा कोई संकेत नहीं दिखता जिससे उनके खिलाफ लगे आरोपों को सिद्ध किया जा सके। ’’ अदालत ने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि मामले में जांच में लापरवाही बरती गयी , जो आरोपी व्यक्तियों के प्रति पूर्वाग्रह का कारण बना। अदालत ने कहा कि आरोप की सुनवाई से पहले संसद मार्ग पुलिस थाना के जांच अधिकारी , थाना प्रभारी ( एसएचओ ) एवं अतिरिक्त पुलिस आयुक्त ( एसीपी ) को स्पष्टीकरण देने के लिये अदालत में पेश होने के लिये कहा गया था। हालांकि उनकी ओर से ( अधिकारियों से ) कोई संतोषप्रद स्पष्टीकरण नहीं मिला।
अदालत ने कहा, ‘‘हालांकि कांस्टेबल सुरेंद्र सिंह ने माना कि आरोप पत्र में इन व्यक्तियों के नाम इसलिए दर्ज किये गये क्योंकि प्रदर्शनकारी उनका नाम ले रहे थे। वह उन्हें ना तो निजी तौर पर जानते हैं और ना ही घटना से पहले या बाद में उनसे मिले थे।’ आरोपी व्यक्तियों ने दावा किया कि राजनीतिक साजिश के चलते मामले में गलत तरीके से उनका नाम फंसाया गया था।