नयी दिल्ली: केंद्रीय मंत्री थावरचंद गहलोत ने रविवार को कहा कि संविधान निर्माता बी आर अंबेडकर मानते थे कि राम मंदिर अयोध्या में है। गहलोत की इस टिप्पणी से विवाद खड़ा हो सकता है। उन्होंने कहा कि अयोध्या में राम मंदिर निर्माण पर आगे कोई भी कार्रवाई इस मुद्दे पर उच्चतम न्यायालय का फैसला आने के बाद ही की जाएगी। गहलोत ने संवाददाताओं से कहा , अंबेडकर जी सभी लोगों , सभी धर्मों के लोगों का सम्मान करते थे। राम मंदिर जहां है, उसपर उनका विश्वास था। हालांकि उन्होंने इसके बारे में स्पष्ट तौर पर कुछ नहीं कहा लेकिन बहुलता पर उनकी सोच और सबके प्रति सम्मान की जो भावना थी , मैं कहूंगा कि उनका नजरिया सकारात्मक था।
उन्होंने कहा कि राम मंदिर पर कोई भी फैसला सहमति से ही होगा। उन्होंने कहा कि जब कभी आपसी सहमति बनेगी और शीर्ष न्यायालय का फैसला आएगा तब आगे की कार्रवाई होगी। गहलोत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर श्रम कानूनों को कमजोर करने के सुनियोजित प्रयास करने संबंधी आरोप के लिए कांगे्रस उपाध्यक्ष राहुल गांधी की आलोचना भी की।
उन्होंने कहा प्रधानमंत्री और मैं कभी सपने में भी ऐसा नहीं सोच सकते। ये शब्द न केवल श्रमिकों में असहिष्णुता फैलाने का प्रयास हैं बल्कि षड्यंत्र का हिस्सा हैं। मैं इसकी निंदा करता हूं। सहिष्णुता संबंधी एक सवाल पर उन्होंने कहा कि राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी ने केवल भाजपा की छवि खराब करने के लिए यह मुद्दा उठाया है। उन्होंने कहा कि आज प्रधान न्यायाधीश ने भी कहा कि देश में कोई असहिष्णुता नहीं है।