नई दिल्ली: राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल ने इन खबरों का खंडन किया है कि वह पठानकोट हमले के दोषियों को सजा होने तक पाकिस्तान और भारत के बीच किसी भी तरह की बातचीत के खिलाफ है।
एक अखबार की वेबसाइट ने अजीत डोभाल का इंटरव्यू लेने का दावा किया था। जिसमें डोभाल के हवाले से कहा गया था कि भारत-पाकिस्तान की विदेश सचिव स्तरीय वार्ता तब तक के लिए रद्द है, जब तक पाकिस्तान पठानकोट हमले के गुनहगारों को सजा नहीं देता है।
इंडिया टीवी ने जब राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल को फोन करके इस खबर की सच्चाई जानने की कोशिश की तो डोभाल ने कहा कि उन्होंने भारत-पाक सचिव स्तर की बातचीत रद्द होने की बात नहीं कही है। उन्होंने कहा कि जो इंटरव्यू अखबार में छपा है वह उन्होंने दिया ही नहीं है। डोभाल ने स्पष्ट किया है कि 15 जनवरी को भारत-पाकिस्तान के बीच होने वाली विदेश सचिव स्तरीय वार्ता तय समय पर ही होगी।
तथाकथित इंटरव्यू के मुख्य अंश-
- अखबार की वेबसाइट ने अजीत डोभाल से पठानकोट हमले को लेकर पूछा कि इंडिया हर तरह से पावरफुल है, तो हम हर बार कहां चूक जाते हैं। इस पर डोभाल ने जवाब दिया कि भारत के पास पूरी ताकत है लेकिन राजनीतिक स्वार्थ के चलते नहीं हो इसका पूरा इस्तेमाल नहीं हो पा रहा है।
- जब उनसे यह पूछा गया कि पाकिस्तान को लेकर आगे की क्या पॉलिसी है तो डोभाल ने कहा, ‘पॉलिसी एक ही है। अब जब तक पाकिस्तान पठानकोट के गुनहगारों पर कड़ी कार्रवाई नहीं करेगा और भारत उस एक्शन से संतुष्ट नही होगा, तब तक कोई शांतिवार्ता नहीं करेंगे। इसी के तहत भारत ने 15 जनवरी को लाहौर में होने वाली इंडो-पाक सेकेट्री लेवल मीट भी कैंसिल कर दी है। अब एक्शन से पहले कोई बात नहीं।’
- उनसे पूछा गया कि जैसे अमेरिका ने लादेन को पाकिस्तान में घुस कर खत्म किया था। क्या समय आने पर भारत भी हाफिज, दाऊद और बाकी आतंकियों को लेकर ऐसा करने की स्थिति में है? तो उन्होंने कहा, 'इसका जवाब बातों में क्या देना, समय आने पर कर के दूंगा।'