महाराष्ट्र के भिवंडी में दर्ज कथित सामूहिक दुष्कर्म मामले में आरोपी बर्खास्त पुलिसकर्मी शैलेश पाटिल की मां सुलोचना पाटिल ने अपने ही बेटे के खिलाफ गंभीर आरोप लगाते हुए उसे कठोरतम सजा, यहां तक कि फांसी देने की मांग की है। कल्याण में पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने दावा किया कि उनके बेटे ने कई लड़कियों की जिंदगी बर्बाद की है और वह स्वयं भी वर्षों से उसके अत्याचारों का सामना कर रही हैं।
क्या है पूरा मामला?
भिवंडी के पडघा पुलिस थाने में दर्ज शिकायत के अनुसार, कल्याण निवासी 22 वर्षीय युवती ने आरोप लगाया है कि उसे फार्म हाउस पर ले जाकर जबरन शराब पिलाई गई और उसके साथ दुष्कर्म किया गया। इस मामले में भाजपा के पूर्व विधायक नरेंद्र पवार और शैलेश पाटिल समेत अन्य के खिलाफ मामला दर्ज है। दोनों के फरार होने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, मामले में लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
‘पहले ऐसा नहीं था, जेल से आने के बाद बदल गया’
सुलोचना पाटिल ने कहा कि शैलेश पहले ऐसा नहीं था। वह पुलिस विभाग में भर्ती हुआ था और ठीक से नौकरी कर रहा था। उनके दावे के मुताबिक, एक आईपीएस अधिकारी को कथित रूप से बचाने के प्रयास में शैलेश ने अपने ऊपर अपराध ले लिया और उसे जेल जाना पड़ा। जेल से बाहर आने के बाद वह गलत संगत में पड़ गया और उसका ध्यान अपराध तथा पैसे कमाने की ओर चला गया।
मां-बाप की संपत्ति पर कब्जे का आरोप
सुलोचना पाटिल ने आरोप लगाया कि शैलेश ने अपने माता-पिता की जमीन-जायदाद पर भी जबरन कब्जा करना शुरू कर दिया। उन्होंने दावा किया कि एक बार घर में ही शैलेश ने उनकी पीठ पर भारी वस्तु से हमला किया और संपत्ति विवाद को लेकर उन पर रिवाल्वर तक तान दी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उनकी कई जमीन-जायदाद बेच दी गई और बैंक में कथित तौर पर फर्जी हस्ताक्षर कर लाखों रुपये निकाले गए। सुलोचना के अनुसार, संपत्ति होने के बावजूद वह आज अपनी बेटी के घर रहने को मजबूर हैं और न्याय के लिए दर-दर भटक रही हैं।
‘कई लड़कियों के साथ ऐसा किया’
सुलोचना पाटिल ने दावा किया कि उनके बेटे ने मौजूदा मामले की युवती के साथ ही नहीं, बल्कि इससे पहले भी कई लड़कियों के साथ कथित रूप से इसी तरह का व्यवहार किया है। उन्होंने कहा कि बेटे के कथित कृत्यों से वह बेहद व्यथित हैं और इसी कारण चाहती हैं कि उसे कठोरतम सजा मिले। हालांकि, शैलेश पाटिल की मां द्वारा लगाए गए संपत्ति, बैंक लेन-देन, मारपीट और अन्य आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है। इन दावों की पुष्टि के लिए पुलिस जांच और संबंधित दस्तावेजों की जांच जरूरी होगी।
(रिपोर्ट- सुनील शर्मा)
यह भी पढ़ें-
कालकाजी पार्क गैंगरेप केस में साजिश का एंगल, फोन में मिले अश्लील वीडियो; पिस्टल और चाकू बरामद