रामपुर: उत्तर प्रदेश के मंत्री आजम खान ने यह मांग करते हुए नया विवाद छेड़ दिया कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) को आतंकी संगठन घोषित किया जाए। उन्होंने संगठन पर दंगे की साजिश रचने और उसे अंजाम देने का आरोप लगाया है। आजम खान के इस मांग पर भारतीय जनता पार्टी ने तीखी प्रतिक्रिया जताई है। खान ने कहा कि उन्होंने कई दंगों को अंजाम दिया और कई की साजिश रची है। आरएसएस को आतंकी संगठन घोषित किया जाना चाहिए। खान पर पलटवार करते हुए बीजेपी सचिव श्रीकांत शर्मा ने कहा कि जब जवाहरलाल नेहरू, इंदिरा गांधी और राजीव गांधी जैसे प्रधानमंत्री आरएसएस को नुकसान नहीं पहुंचा पाए तो उनके जैसे लोग तो बहुत नगण्य हैं। उन्होंने कहा कि यह केवल सांप्रदायिक तनाव पैदा करने, एक वर्ग का तुष्टिकरण करने और उत्तरप्रदेश सरकार की नाकामियों को छिपाने का प्रयास है। उन्होंने कहा कि खान, समाजवादी पार्टी और कांग्रेस आरएसएस फोबिया से ग्रस्त है और उसके खिलाफ उनके हाय तौबा मचाने से राष्ट्रवादी संगठन को फर्क नहीं पड़ता।
शर्मा ने दावा किया कि आरएसएस देश को एकजुट करने और लोगों को अपनी संस्कृति से जोड़ने के लिए काम करता है । साथ ही उन्होंने कहा कि खान और उनकी पार्टी अलगाववादी ताकतों का प्रतिनिधित्व करती है जो तुष्टीकरण की राजनीति में यकीन करती है। इससे पहले आजम खान ने कहा था कि संगठन (आरएसएस) समुदायों के बीच नफरत फैलाने का अपना एजेंडा फैलाने में व्यस्त है। वे देश में उसी तरह की हालात पैदा करना चाहते हैं जिसके कारण 1948 में महात्मा गांधी की हत्या हुई थी। उत्तरप्रदेश के मंत्री ने उल्लेख किया कि आरएसएस पर प्रतिबंध लगना चाहिए जैसा कि महात्मा गांधी की हत्या के बाद नेहरू सरकार ने किया था। मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए खान ने कहा कि दिल्ली और बिहार में हार के बाद केंद्र ने समाज में कट्टर तत्वों को खुला छोड़ दिया है। उन्होंने कहा कि दिल्ली और बिहार के चुनावी मुकाबले में शिकस्त के बाद भगवा संगठन सोच रही है कि नफरत की राजनीति से वह फिर से अपना जनाधार प्राप्त कर सकती है।
राम मंदिर पर खान ने कहा कि हम बीजेपी और आरएसएस को आश्वस्त करना चाहते हैं कि अगर बाबरी मस्जिद (अयोध्या में) उसी जगह बनती है तो भारत के मुसलमान बीजेपी को सत्ता में लाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ेंगे। बीजेपी सांसद साक्षी महाराज ने विवादित जगह पर मस्जिद के निर्माण से इंकार किया। उन्होंने संवाददाताओं से कहा कि दुनिया में कोई भी ताकत वहां मस्जिद नहीं बना सकती। भले ही पूरी दुनिया बाबरी, बाबरी का नारा लगाए। मंदिर था, मंदिर है और मंदिर रहेगा। खान ने इससे पहले यह कह कर विवाद पैदा कर दिया था कि जामा मस्जिद के शाही इमाम सैयद अहमद बुखारी की हिंदू संगठनों के साथ मिलीभगत है जिसने एक हिंदू से उनके बेटी की शादी पर खामोशी बरती जबकि संगठन लव जिहाद का मुद्दा जोर शोर से उठाते रहे हैं। उत्तरप्रदेश के मंत्री ने बुखारी को आरएसएस का एजेंट बताया था जिसे बुखारी ने खारिज कर दिया था।