गुवाहाटी: तरूण गोगोई नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान उनका घेराव करने के लिए असम विधानसभा तक मार्च निकाल रहे भाजपा कार्यकर्ताओं पर पुलिस ने रबड़ की गोलियां चलायीं, आंसू गैस के गोले दागे और पार्टी नेताओं तथा कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया। पुलिस का दावा है कि कार्रवाई मार्च को रोकने के लिए की गयी, क्योंकि भाजपा को प्रशासन की ओर से इस कार्यक्रम के आयोजन की अनुमति नहीं थी।
विधानसभा अध्यक्ष ने पांच दिवसीय शीतकालीन सत्र से भाजपा के पांच और कांग्रेस के सात विधायकों को उनके आदेश का उल्लंघन करने को लेकर निलंबित कर दिया है। इसी के विरोध में आज पार्टी ने यह मार्च निकाला। गौरतलब है कि कांग्रेस के इन सात विधायकों ने हाल ही में विपक्षी दल भाजपा के लिए अपनी निष्ठा घोषित की थी। पार्टी के विधायकों और सांसदों सहित कार्यकर्ताओं ने आज हाथों में तख्तियां और भाजपा का झंडा लिए, नारेबाजी करते हुए शहर के खानपाड़ा इलाके से अपना मार्च शुरू किया। अधिकारियों ने बताया कि प्रदर्शनकारियों ने जब आगे बढ़ने के लिए पुलिस अवरोधकोंं को तोड़ा तो मार्च रोकने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले दागे और रबड़ की गोलियां चलाईं।
असम में भाजपा के इंचार्ज प्रभारी महेन्द्र सिंह ने यहां संवाददाताओं से कहा, तरूण गोगोई नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार द्वारा यहां आपातकाल जैसी स्थिति पैदा की जा रही है। पुलिस लोकतांत्रिक आंदोलन को रोकने के लिए कांग्रेस के एजेंट के रूप में काम कर रही है। भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ हिरासत में लिए जाने के दौरान सिंह ने यह बातें कहीं।