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बांग्लादेश से लगती सीमा दो साल में सील हो जाएगी: सोनोवाल

 Written By: Bhasha
 Published : May 21, 2016 02:40 pm IST,  Updated : May 21, 2016 03:04 pm IST

गुवाहाटी: असम के भावी मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने सनिवार को कहा कि घुसपैठ पर रोक लगाने के लिए बांग्लादेश से लगती सीमा को दो साल के अंदर सील कर दिया जाएगा। 1980 के दशक के

Sarbanand Sonowal- India TV Hindi
Sarbanand Sonowal

गुवाहाटी: असम के भावी मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने सनिवार को कहा कि घुसपैठ पर रोक लगाने के लिए बांग्लादेश से लगती सीमा को दो साल के अंदर सील कर दिया जाएगा। 1980 के दशक के दौरान हुए विदेशी विरोधी आंदोलन के दौरान हुए छात्र आंदोलन से राजनीतिक पटल पर उभरे सोनोवाल ने चुनाव में भाजपा को जीत दिलाई। उन्होंने घुसपैठ और उसे रोकने की कोशिश के मुद्दे को अपनी सरकार की प्राथमिकता में रखा है। भाजपा ने घुसपैठ को चुनाव अभियान में एक बड़ा मुद्दा बनाया था।

सोनोवाल ने पीटीआई भाषा को दिए एक साक्षात्कार में कहा कि केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने सीमा को स्थायी तौर पर सील करने के लिए दो साल की समय सीमा दी है। हम उस समयसीमा के अंदर सीमा को सील करने का कार्य पूरा करने की दिशा में काम करेंगे, जिसमें नदी की सीमा भी शामिल है। उनसे पूछा गया था कि वह किस तरह से भारत बांग्लादेश सीमा को सील करना चाहेंगे। इस मुद्दे पर वे गुरूवार को उनकी पार्टी की चुनाव में जीत होने के फौरन बाद भी बोले थे।

राजनाथ सिंह ने इस साल जनवरी में दक्षिणी असम के करीमगंज जिले में भारत-बांग्लादेश सीमा पर अपने दौरे के दौरान कहा था कि असम के साथ लगती सीमा पर कांटेदार तार की बाड़ के निर्माण का काम इस साल के अंत तक पूरा हो जाएगा। उन्होंने कहा था, जैसे की सीमा को स्थायी तौर पर सील किया जाएगा वैसे ही घुसपैठ की प्रवृत्ति खुद ब खुद रूक जाएगी। साथ ही साथ हम घुसपैठ रोकने के लिए लोगों को जागरूक करेंगे।

 सोनोवाल से जब पूछा गया कि क्या भाजपा का क्षेत्रीय पार्टियों असम गण परिषद् :एजीपी: और बोडो पीपल्स फ्रंट :बीपीएफ: के साथ गठबंधन फायदेमंद रहा तो सोनोवाल ने कहा, बिल्कुल । लोगों ने उसे स्वीकार किया और हमें बहुमत दिया। हमने चाय बागान और राज्य भर से विभिन्न जातिय समूहों को अपने साथ लिया। उन्होंने कहा, हमने किसी को नहीं छोड़ा। हम यहां तक कि बारक घाटी के उन इलाकों में भी गए जहां सिर्फ 2000 लोगों के जातीय समूह हैं। हमने उनसे बात की, उन्हें सम्मान और प्रतिनिधित्व दिया। लोग चाहते हैं कि उनकी संस्कृति और पहचान की रक्षा की जाए।

अभी समाप्त हुए चुनाव में भाजपा को अल्पसंख्यकों के समर्थन पर उन्होंने कहा, असम के मूल निवासी और अन्य अल्पसंख्यक समुदायों दोनों ने हमारा समर्थन किया और उन्होंने हमारे वोट प्रतिशत में 20 फीसदी से ज्यादा का योगदान दिया। उन्होंने कहा, वे बड़ी संख्या में हमारे समर्थन में आए और उनका यहां :असम में: समर्थन शायद भारत में सबसे ज्यादा है। उनके समर्थन की वजह से हमारे अल्पसंख्यक उम्मीदवार जीते। सोनोवाल ने बताया कि भाजपा सरकार 24 मई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में यहां के खानापाड़ा मैदान में शपथ लेगी। भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव राम माधव के मुताबिक, जनादेश असम के लोगों की पहचान की रक्षा करने के लिए और विकास के लिए भी है।

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