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मायावती की मूर्तियों के सहारे चुनावी नैया पार लगाने की तैयारी में BSP समर्थक

 Written By: Bhasha
 Published : May 24, 2016 04:22 pm IST,  Updated : Sep 14, 2016 11:43 pm IST

लखनऊ: बसपा प्रमुख मायावती ने भले ही ऐलान किया हो कि उत्तर प्रदेश में सत्ता में वापसी करने पर वह मूर्तियां नहीं लगवाएंगीं बल्कि विकास का काम करेंगी, उनके समर्थक 2017 के विधानसभा चुनाव के

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लखनऊ: बसपा प्रमुख मायावती ने भले ही ऐलान किया हो कि उत्तर प्रदेश में सत्ता में वापसी करने पर वह मूर्तियां नहीं लगवाएंगीं बल्कि विकास का काम करेंगी, उनके समर्थक 2017 के विधानसभा चुनाव के प्रचार के लिए उनकी (मायावती की) मूर्ति लगवाने की तैयारी में हैं। बहन जी की उनके खास अंदाज में 150 मूर्तियां तैयार करने के लिए स्थानीय मूर्तिकार को लगाया गया है। ये मूर्तियां बसपा उम्मीदवार आगामी चुनावों के प्रचार के लिए अपने चुनाव कार्यालयों और अन्य जगहों पर लगाएंगे।

मूर्तिकार अमरनाथ प्रजापति ने कहा कि कुल 150 मूर्तियों का ऑर्डर मिला है और काम चालू है। मायावती सरकार द्वारा पूर्व में राजधानी में लगायी गयी कई मूर्तियों का निर्माण प्रजापति ने ही किया था। उन्होंने कहा कि मूर्तियों का आर्डर बसपा उम्मीदवारों के समर्थकों की ओर से मिला है। सभी मूर्तियां चुनाव से पहले बनाकर देने के लिए कहा गया है।

हर मूर्ति लगभग साढे़ तीन फीट की होगी और उसका वजन 40 किलो होगा ताकि मूर्ति को आसानी से एक जगह से दूसरी जगह ले जाया जा सके। मूर्तियों का रंग सुनहरा होगा और ये धातु एवं संगमरमर की बनेंगी। मूर्तियों में मायावती को चलने की मुद्रा में दिखाया जाएगा और उनके दाहिने हाथ में पर्स होगा तथा गले में दुपटटा। प्रजापति ने स्पष्ट किया कि उनसे मूर्तियों के ऑर्डर के सिलसिले में पार्टी की ओर से किसी ने संपर्क नहीं किया है। ये मूर्तियां व्यक्तिगत तौर पर खरीदारों ने आर्डर की हैं।

मूर्तियां लगवाने के लिए आलोचनाओं के घेरे में रहीं बसपा प्रमुख ने हाल ही में कहा था कि अब वह स्मारक या मूर्तियां नहीं बनवाएंगीं। उन्होंने 14 अप्रैल को लखनऊ में अंबेडकर जयंती के मौके पर कहा था, जब मैं सत्ता में आउंगी, तो स्मारक नहीं बनवाऊंगी क्योंकि मेरा ये कार्य अब पूरा हो चुका है। अब मैं केवल विकास पर ध्यान केन्द्रित करूंगी। उन्होंने अपनी मूर्तियां लगवाने के फैसले का बचाव करते हुए कहा था कि ये उनके संरक्षक कांशीराम की इच्छा थी।

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