नई दिल्ली/ लखनऊ: बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने आज कहा कि वह इस बात को लेकर आश्वस्त हैं कि उनकी पार्टी को यूपी चुनावों में बहुमत मिलेगा और प्रदेश में अगली सरकार उनकी ही बनेगी।
दिनभर चलनेवाले इंडिया टीवी कॉन्क्लेव ‘चुनाव मंच’ में आज शाम रजत शर्मा के सवालों का जवाब देते हुए शाह ने कहा, ‘यदि समाजवादी पार्टी चुनाव जीतने को लेकर आश्वस्त थी, तो उन्होंने गठबंधन (कांग्रेस के साथ) क्यों किया? समाजवादी पार्टी ने गठबंधन इसलिए किया क्योंकि इसके नेताओं को चुनावों में बड़ी हार मिलने का अंदेशा हो गया था।’
बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा, ‘क्राइम के मामले में उत्तर प्रदेश पिछले पांच सालों में सबसे ऊपर रहा है, जबकि विकास के सारे सूचकांकों पर सबसे नीचे। इस प्रदेश में रोज 16 हत्याएं और 23 बलात्कार की घटनाएं होतीं थीं। प्रदेश में लगभग 200 दंगे और 2,87,000 जघन्य अपराध हुए। अखिलेश ने ऐंटि-इन्कंबंसी से बचने के लिए अपने अधिकांश विधायकों और मंत्रियों को टिकट दिए हैं। मैं जिन विधानसभा क्षेत्रों में गया, उनमें से अधिकांश में मैंने पाया कि वहां ऐंटि-इन्कंबंसी की लहर चल रही है। उन्होंने स्थिति भांप ली थी, और इसीलिए उन्होंने गठबंधन किया। लेकिन इस गठबंधन के बावजूद उनकी हार होगी।’
शाह ने कहा, एसपी-कांग्रेस का गठबंधन मतदाताओं को धोखा देने के लिए किया गया है। ‘चुनाव के पहले और दूसरे चरण में यह दोनों पार्टियां 12 सीटों पर दोस्ताना मुकाबला लड़ रही हैं, इसका एक उदाहरण लखनऊ सेंट्रल की सीट है। यूपी की जनता राजनीतिक रूप से जागृत है और उसे यह सारा खेल समझ में आ रहा है।’
समाजवादी पार्टी के सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव के आरोप को अमित शाह ने खारिज किया जिसमें मुलायम सिंह ने कहा था कि उनके परिवार में झगड़ा अमित शाह की वजह से शुरू हुआ है। मुलायम सिंह ने आरोप लगाया था कि उनके भाई रामगोपाल यादव बीजेपी अध्यक्ष से कम से कम चार बार मिल चुके हैं।
अमित शाह ने कहा, 'मैं यह साफ करना चाहता हूं कि मेरी रामगोपाल जी से कभी मुलाकात नहीं हुई है। उनके परिवार के झगड़े से मेरा कोई लेनादेना नहीं है। मैं क्यों समाजवादी पार्टी को तोड़ूंगा?'
वरिष्ठ नेताओं के रिश्तेदारों को टिकट दिए जाने के सवाल पर अमित शाह ने कहा, ' जो अपने दम पर एक मकाम बना रहे हैं ऐसे नेताओं के बेटों को टिकट देना वंशवाद की राजनीति नहीं है।'
'वंशवाद की राजनीति में मेरा मतलब केवल अखिलेश ही मुख्यमंत्री के तौर पर मुलायम सिंह के उत्ताराधिकारी हो सकते हैं। वंशवाद की राजनीति का मतलब डॉ. फारूक अब्दुल्ला के बेटे उमर अब्दुल्ला ही मुख्यमंत्री हो सकते हैं। 1967 से कांग्रेस में गांधी-नेहरु परिवार के सिवा कांग्रेस में किसी के अंदर पार्टी को चलाने की क्षमता नहीं थी?'
'नेहरु के बाद इंदिरा गांधी आईं, उन्होंने संजय गांधी को लाने की कोशिश की लेकिन उनकी मौत हो गई और वो राजीव गांधी को लाईं। राजीव जी की मौत के बाद राहुल को इंतजार करना पड़ा क्योंकि उनकी उम्र अभी नहीं हुई थी। इस बीच मनमोहन सिंह को पीएम बना दिया, लेकिन मनमोहन सिंह किस तरह के पीएम थे यह सबलोग जानते हैं।'
चुनाव मंच LIVE
-अखिलेश राज में यूपी में 200 दंगे हुए- अमित शाह
-बीजेपी की राज्य सरकारें विकास में जाति और धर्म का भेदभाव नहीं करतीं- अमित शाह
-बीजेपी की सरकार आने पर यूपी के सारे करप्शन की जांच होगी- अमित शाह
-यूपी तो पहले एक से ही परेशान था, अब दो आ गए- अमित शाह
-दो शहजादों के मिलने से यूपी की बदहाली दूर नहीं होगी- अमित शाह
-अखिलेश सपा के गुंडों को काबू में रखें...तो यूपी का भला हो जाएगा- अमित शाह
-हम यूपी के युवाओं को बिना किसी भेदभाव के लैपटॉप देंगे- अमित शाह
-यूपी में लैपटॉप किसी जाति और किसी धर्म विशेष के लोगों को नहीं मिलेगा- अमित शाह
-यूपी में 70 फीसदी एक ही जाति के लोगों की बहाली हुई-अमित शाह
-मोदी जी ने वर्ग तीन और चार में इंटरव्यू खत्म किया, लेकिन यूपी की सरकार ने इसे लागू नहीं किया-अमित शाह
-मोदी सरकार के भेजे पैसे को अखिलेश सरकार ने गलत इस्तेमाल किया- अमित शाह
-आरएसएस ने धर्म के आधार पर ही आरक्षण को लेकर सवाल उठाए थे- अमित शाह
-धर्म के आधार पर आरक्षण संविधान के मुताबिक नहीं है- अमित शाह
-आरएसएस ने दलितों के आरक्षण को खत्म करने की बात नहीं की- अमित शाह
-आरक्षण को लेकर हमारा स्टैंड साफ...मौजूदा व्यवस्था जारी रहनी चाहिए- अमित शाह
-हमारे हर घोषणापत्र में राम मंदिर का जिक्र होता है- अमित शाह
-तीन तलाक का मुद्दा महिलाओं के सम्मान का मुद्दा है- अमित शाह
-क्राइम के मामले में यूपी सबसे ऊपर-अमित शाह
-यूपी में लोगों को पीने का साफ पानी नहीं मिलता-अमित शाह
-यूपी में पुलिस थानों में रिपोर्ट भी जाति और धर्म देखकर की जाती है- अमित शाह
-यूपी में 70 परसेंट अपराध समाजवादी पार्टी के विधायकों के इलाके में हुए- अमित शाह
-यूपी में चुनाव के बाद सीएम तय करेगी बीजेपी- अमित शाह
-यूपी में पुलिस थानों में रिपोर्ट भी जाति और धर्म देखकर की जाती है- अमित शाह
-यूपी में 70 परसेंट अपराध समाजवादी पार्टी के विधायकों के इलाके में हुए- अमित शाह
-यूपी में चुनाव के बाद सीएम तय करेगी बीजेपी- अमित शाह
-राजनाथ के बेटे पंकज सिंह 16 साल से पार्टी का काम कर रहे हैं- अमित शाह
-1967 से लेकर आज तक क्या कांग्रेस में कोई योग्य नहीं था?- अमित शाह
-नेता का बेटा कार्यकर्ता की तरह काम करे और टिकट मिले तो वंशवाद नहीं है- अमित शाह
-अखिलेश ने एंटी इनकंबंसी से बचने की कोशिश की...लेकिन हार से नहीं बच पाएंगे- अमित शाह
-अखिलेश ने दागी गायत्री प्रजापति को टिकट क्यों दिया?- अमित शाह
-मैं कभी-भी रामगोपाल से नहीं मिला। उनका अपने परिवार का झगड़ा है-अमित शाह
-सपा अखिलेश की है उन्हें अपनी जिम्मेदारी संभालनी चाहिए-अमित शाह
-चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी ने हार स्वीकार कर ली है-अमित शाह
-अगर जीते के लिए अखिलेश आश्वस्त थे तो गठबंधन क्यों किया-अमित शाह
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-गैर कांग्रेस मुख्यमंत्रियों में अखिलेश की छवि सबसे साफ सुथरी-प्रमोद तिवारी
-कांग्रेस और एसपी के बीच गठबंधन उत्तर प्रदेश के विकास के लिए-प्रमोद तिवारी
-अखिलेश-राहुल की जोड़ी बड़ी प्यारी लग रही है- अबू आजमी
-गांधी परिवार ने सामंती मानसिकता से हिंदुस्तान पर राज किया- संबित पात्रा
-पहली सरकार हैं जिसमें पीएम और शिक्षा मंत्री के सर्टिफिकेट फर्जी हैं- प्रमोद तिवारी
-27 साल यूपी बेहाल के नारे का अब क्या हो गया? - संबित पात्रा
-नोटबंदी की वजह से मूंगफली वाले से लेकर कॉरपोरेट तक सब परेशान- अबू आजमी
-यूपी में सेक्युलर वोट बचाने के लिए गठबंधन जरूरी था- अबू आजमी
-12 साल तड़पाए जाने के बावजूद पीएम बने, मोदी में आध्यात्मिक शक्ति- संबित पात्रा
-यूपीए के राज में तो स्कैम ही स्कैम थे- संबित पात्रा
-बीजेपी को जोड़ी की जरूरत नहीं- संबित पात्रा
-कांग्रेसी अपनी छाती पर पत्थर रखकर राहुल की तारीफ करते हैं- संबित पात्रा
-यूपी में साफ-सुथरे लोगों की जोड़ी सब पर भारी- प्रमोद तिवारी
-कांग्रेस लुट जाएगी लेकिन ये मिसाइल लॉन्च नहीं होगा-प्रमोद तिवारी
-हमें समाजवाद में यकीन, इसलिए गठबंधन किया- प्रमोद तिवारी
-पीएम मोदी की भाषा का स्तर काफी नीचे गिरा- प्रमोद तिवारी
-प्रमोद तिवारी ने कहा- मोदी के SCAM का मतलब S-शिवराज C-कारपोरेशन A-अमित शाह M- मोदी
- राजनीति में गठबंधन एक मज़बूरी होती है. हमने कांग्रेस से गठबंधन केवल यूपी के लिए नहीं किया है: नरेश अग्रवाल
- कांग्रेस के साथ गठबंधन अस्थायी नहीं है, यह 2019 के बाद भी जारी रहेगा: नरेश अग्रवाल
- कानून और व्यवस्था एक राष्ट्रीय मुद्दा है और इसपर राष्ट्रीय स्तर पर बहस किए जाने की जरूरत है: नरेश अग्रवाल (सपा)
- अखिलेश ने दागियों के खिलाफ कड़ा स्टैंड लिया- उदयवीर सिंह
- बीएसपी में स्वामी प्रसाद मौर्य का दम घुट रहा था- संबित पात्रा
- अगर विकास किया तो राहुल को साइकिल पर क्यों बैठाया- संबित पात्रा
- जब तक कांशीराम थे, तब तक बीएसपी में पैसे की बीमारी नहीं थी- स्वामी प्रसाद मौर्य
- मेरा टिकट तो कोई पार्टी काट ही नहीं सकती थी- स्वामी प्रसाद मौर्य
- बेटी ने टिकट लेने से इनकार किया- स्वामी प्रसाद मौर्य
- अखिलेश ने समाजवादी पार्टी और सरकार की पूरी छवि बदली- उदयवीर सिंह (सपा)
- बीएसपी ने दलितों की आवाज़ दबाई- स्वामी प्रसाद मौर्य
- लोकतंत्र में किसी भी नेता का बेटा-बेटी चुनाव लड़ सकते हैं- स्वामी प्रसाद मौर्य
- जिन लोगों का पार्टी में दम घुट रहा था वो लोग बीजेपी में शामिल हुए- संबित पात्रा- (बीजेपी)
- बीएसपी ने डॉ. अंबेडकर के सिद्धांतों के साथ समझोता किया- स्वामी प्रसाद मौर्य (बीजेपी)
- क़ाबिलियत की वजह से मुझे प्रदेश अध्यक्ष बनाया- मनोज तिवारी
- रीता बहुगुणा ने लखनऊ कैंट में कुछ नही किया इसीलिए लापता के पोस्टर लगे- अपर्णा यादव
- लखनऊ कैंट से मुझे इसलिये खड़ा किया क्योंकि नेताजी और प्रोफ़ेसर को लगता है मैं मज़बूत उम्मीदवार हूं।
- भाभी, भय्या की गोद में हमेशा बैठी नहीं रह सकती- अपर्णा यादव
- कुछ मसलों पर बाप (मुलायम) और अखिलेश में मतभेद थे लेकिन मामला पारिवारिक था। बाहर के लोगों को इसमें कूदने की ज़रुरत नही। दोनो बड़े नेता हैं- अपर्णा यादव (सपा)
- वंशवाद के नाम पर मुद्दे से भटकाया जा रहा है। वंशवाद हर पार्टी में है- मनोज तिवारी
- बीजेपी के सांसद मनोज तिवारी नोएडा से पार्टी उम्मीदवार पंकज सिंह के बारे में कुछ नही जानते। सवाल पूछने पर बग़ले झांकने लगे।
- पंकज सिंह गृहमंत्री राजनाथ सिंह के पुत्र हैं।
- योगी और सोम जैसे लोग समाज में ज़हर घोलते हैं- ओवैसी
- इस्लाम धर्म में तलाक़ की अवधारणा है लेकिन हिंदू धर्म में ऐसी कोई अवधारणा है ही नही- सुधांशु त्रिवेदी
- NDA सरकार सिर्फ़ जुमलों पर चलती है- ओवैसी
- लव जेहाद शब्द का प्रयोग सबसे पहले केरल के मुख्यमंत्री अच्युतानंद ने किया- सुधांशु त्रिवेदी
- मोदी जी की बुलट ट्रेन क्या RSS हेडक्वार्टर पर हरी झंडी का इंतज़ार कर रही है?- गौरव भाटिया (सपा)
- पूरे देश में स्लॉटर हाउस बंद करके दिखाए बीजेपी- ओवैसी
- ट्रिपल तलाक़ महिला अधिकार का विषय है- सुधांशु त्रिवेदी (बीजेपी)
- आज़ादी के बाद सरकारी नौकरियों में मुसलमानों की हिस्सेदारी 10% घटी- ओवैसी
- विपक्ष सिर्फ जाति और धर्म की राजनीति करता है- ओवैसी
- यूपी में सपा मुसलमानों को ग़ुलाम समझती है- ओवैसी
- मोदी और अखिलेश में कोई फ़र्क नही, दोनो एक ही सिक्के के दो पहलू हैं- ओवैसी
- समाजवादी पार्टी की सरकार ने मुस्लिमों के लिए कुछ नहीं किया..झूठे केस में फंसे मुस्लिम युवाओं को मुआवजा नहीं दिया- ओवैसी
- इटावा के चिड़ियाघर में शेर मरा तो अखिलेश ने लंदन से डॉक्टर बुलाए..इंसानों के लिए सीएम कुछ नहीं करते..ये कैसा विकास है- ओवैसी
- मोदी और अखिलेश ने विकास के नाम पर मुस्लिमों को ठगा है..मुसलमानों से किए वादे पूरे नहीं किए जाते- असदुद्दीन ओवैसी
क्या कहा योगी आदित्यनाथ ने...
- यूपी चुनाव में बीजेपी दो-तिहाई बहुमत से सरकार बनाएगी
- बीजेपी चेहरे नहीं बल्कि संगठन के दम पर चुनाव लड़ती है, मेरे लिए पद नहीं यूपी की सूरत बदलना ज़रूरी है
- बीजेपी के मुख्यमंत्री का फैसला विधायक दल और संसदीय बोर्ड मिलकर करेगा
- बीएसपी और समाजवादी पार्टी से बेहतर सरकार बीजेपी देगी
- टिकट वितरण को लेकर दावेदारों की नाराज़गी खत्म कर दी गई है
- विकास ज़रूरी है,लेकिन हिंदुओं की सुरक्षा की अनदेखी नहीं की जा सकती..पश्चिमी उत्तर प्रदेश के हालात बहुत खराब हैं
- पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हिंदुओं का पलायन बड़ी समस्या है, गाज़ियाबाद में बाल्मिकी बस्ती के लोग घर छोड़कर चले गए हैं
- यूपी की पिछली सरकारें एक समुदाय विशेष के विकास की ही बात करती है, क्या ये साम्प्रदायिकता नहीं है?
- सरकार अगर सुरक्षा मुहैया कराने में नाकाम रहेगी तो फिर अपने हक के लिए जनता को खुद खड़ा होना होगा
- अगर सरकार दंगों से अच्छे तरह से नहीं निपटेगी तो हम अपने तरीके से दंगों को रोकेंगे
- लव जिहाद आज भी यूपी में एक मुद्दा है इसीलिए बीजेपी के घोषणापत्र में एंटी रोमियो स्क्वॉड के मुद्दे को शामिल किया गया है
- मायावती दलित-मुस्लिमों की बात करती है, समाजवादी पार्टी भी मुस्लिमों की बात करती है, मैं हिंदुओं की बात करता हूं तो दिक्कत क्यों होती है?
- पश्चिमी उत्तर प्रदेश के हालात पर काबू नहीं पाया गया तो वहां भी कश्मीर जैसे हालात पैदा हो जाएंगे
क्या कहा अखिलेश ने...
- प्रधानमंत्री बनने का कोई सपना नही, यूपी में ख़ुश हूं।
- लाभ पाने वाले 50% भी वोट दें तो हमारी सरकार बन जाएगी।
- यूपी के हर ज़िला मुख्यालय को फोन लेन सड़क से जोड़ रहे हैं। हम चाहते हैं किसी भी जिले से लोग 5 घंटे में लखनऊ पहुंच जाएं।
- स्मार्टफ़ोन से जनता को सीधे सरकार से जोड़ना चाहते हैं।
- डिजिटल अर्थव्यवस्था को लेकर बीजेपी से ज्यादा काम समाजवादी पार्टी कर रही है..लैपटॉप और स्मार्टफोन देना उसी का हिस्सा है।
- प्रजापति को अमेठी से चुनाव लड़ने का मौक़ा दिया गया है।
- म.प्र, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ में भी अपराध के आंकड़े सामने लाए जाने चाहिये।
- यूपी में गुंडा राज के बसपा और बीजेपी के आरोप निराधार।
- सपा के राज में शहरों में 24 घंटे बिजली।
- काम के झूठे वादे के आरोप पर कहा कि 20 से 25 प्रतिशत ज़िलों में अंडरग्रांउड वायरिंग हुई है।
- मुस्लिमों को उनकी आबादी के हिसाब से हक़ देने की कोशिश की। मुस्लिम मतदाता समाजवादी पार्टी के साथ ही रहेंगे।
- मुज़फ़्फरनगर के दंगों पर आज भी माहौल ख़राब करने की कोशिश हो रही है।
- हम सुसलमानों के बीच काम करते हैं, उनके विकास के लिए काम करते हैं लेकिन बीएसपी सिर्फ उनके वोट चाहती है।
- मुज़फ़्फरनगर के दंगों पर अफ़सोस है लेकिन दंगे करवाने वाले लोग कौन थे?
- हमारे घर के झगड़े से दूसरों को क्या लेना-देना।
- अति आत्मविश्वास के आरोप पर कहा कि लोगों के बीच रोता हुआ नहीं जाना चाहता। दुख इतना हुआ कि अब दर्द का एहसास नहीं होता।
- नोटबंदी से हुए नुकसान की भरपाई जल्दी नही होगी।
- गठबंधन पर नेता जी की सहमति भी थी और नाराजगी भी।
- गठबंधन के लिए सपा और कांग्रेस दोनों ने कोशिश की।
- कभी-कभी साइकिल हाथ छोड़कर भी चलाई जाती है।
- शिवपाल ने अगर नयी पार्टी बनाई तो सपा से उनकी सदस्यता ख़त्म हो जाएगी।
- अमर सिंह के बारे में बात नहीं करना चाहता।
- कानून की धज्जियां उड़ाने वाले कानून व्यवस्था की बात कर रहे हैं।
- केन्द्र ने राज्य में कानून व्यवस्था ठीक करने के लिए पुलिस के आधुनिकीकरण का पैसा रोका।
- सपा की सरकार बनेगी। विरोधियों के पास बोलने को कुछ नहीं है।
- मैंने बदले की मंशा से कोई कार्रवाई नही की।
- जो कुछ पार्टी में हुआ वह राजनीतिक परिस्थितियों की वजह से हुआ।
- मुलायम सिंह ने ख़ुद मुझसे कहा कि वह चुनाव में पार्टी के लिए प्रचार करेंगे।
- पारिवारिक कलह पर अखिलेश ने कहा कि समय बताएगा कौन किसके साथ है।
- पिता के साथ विश्वासघात के आरोप पर अखिलेश ने कहा कि सपा आज भी नेता जी की है। पिता और पुत्र के संबंध नहीं बदलते।
देश के पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव होने जा रहे हैं, लेकिन देशवासियों की नज़रें इस समय टिकी हुई है - उत्तर प्रदेश पर। यूपी के चुनाव नतीजे आने वाले महीनों में भारतीय राजनीति की दिशा और दशा तय करेंगे। पूरे उत्तर प्रदेश में इस वक्त चुनावी बुखार चरम पर है, ऐसा पहले कभी भी देखा नहीं गया था। इन चुनावों को काफी हद तक 2019 के लोकसभा चुनावों का रिहर्सल माना जा रहा है, साथ ही इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नोटबंदी के ऐतिहासिक कदम पर जनता के फैसले के तौर पर देखा जाएगा।
अपने दर्शकों को इन चुनावों की सबसे बेहतरीन कवरेज देने के लिए इंडिया टीवी ने पूरे दिन चलने वाले अपने मेगा कॉन्क्लेव ‘चुनाव मंच’ के एक और संस्करण की घोषणा की है। यह मेगा कॉन्क्लेव पिछले कई महीनों से तमाम राजनीतिक उतार-चढाव का केंद्र रहे लखनऊ शहर में हो रहा है।
दिन की शुरुआत इंडिया टीवी के चेयरमैन और एडिटर-इन-चीफ रजत शर्मा राजनीति की बड़ी हस्तियों से मुश्किल सवालों के साथ करेंगे। इस शो में रजत शर्मा अपने खास अंदाज में सवाल पूछेंगे ताकि जनता को पता चल सके कि महीनों से यूपी में चल रही सियासी जोर-आज़माइश के पीछे असली दावपेंच के राज़ क्या थे ।
इस मेगा-कॉन्क्लेव में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव, बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह, यूपी कांग्रेस अध्यक्ष राज बब्बर जैसी राजनीतिक शख्सियतों के साथ-साथ योगी आदित्यनाथ, महेश शर्मा, रामगोपाल यादव, साक्षी महाराज, शिवपाल यादव, असदुद्दीन ओवैसी, केशव प्रसाद मौर्य, डॉक्टर संजय सिंह, प्रमोद तिवारी, अनुप्रिया पटेल, नरेश अग्रवाल, सुधांशु त्रिवेदी, मनोज तिवारी और रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया के भी 'चुनाव मंच' पर आने की संभावना है।
चुनाव मंच-यूपी के दूसरे संस्करण की घोषणा करते हुए इंडिया टीवी की एमडी और सीईओ रितु धवन ने कहा, ‘टीवी न्यूज जॉनर के लीडर होने के नाते हमारा ये फर्ज़ बनता था कि हम अपने दर्शकों के सामने चुनावों पर एक ऐसा विशाल परिदृश्य सामने रखें, जिसमें उनकी दिलचस्पी हो । इस समय उत्तर प्रदेश (हमारे दर्शकों के लिए) खबरों में सबसे ऊपर है, इसलिए ऐसी पहल जरूरी है।' उन्होंने कहा, ‘चुनाव मंच के पहले एडिशन की अपार सफलता ने इस बार चुनौती को निश्चित रूप से कठिन बना दिया है और हम इस ऊंचाई को पार करने की पूरी कोशिश करेंगे।’
चुनाव मंच-यूपी आज लखनऊ में आयोजित होगा और इंडिया टीवी पर इसका लाइव प्रसारण दिन भर जारी रहेगा।