नई दिल्ली: पाकिस्तान के साथ शुक्रवार को प्रस्तावित विदेश सचिव स्तर की वार्ता पर आगे बढ़ने या नहीं बढ़ने के बारे में फैसला भारत ने गुरुवार तक के लिए टाल दिया। इससे पहले इस्लामाबाद से जैश-ए-मोहम्मद के कई लोगों को पकड़े जाने की खबर आई, हालांकि इस बात की पुष्टि नहीं हुई है कि संगठन के प्रमुख मौलाना मसूद अजहर को भी पकड़ा गया है।
बुधवार रात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री सुषमा स्वराज की दो घंटे तक चली बैठक के बाद विदेश मंत्रालय के अधिकारियों ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के गुरुवार दोपहर तक पेरिस से वापसी का इंतजार करने का फैसला किया गया। उसके बाद वार्ता पर निर्णय लिया जाएगा।
इससे पहले इस्लामाबाद से खबर आई थी कि अजहर, उसके भाई और उसके खूंखार आतंकवादी संगठन जेईएम से जुड़े कई लोगों को पकड़ लिया गया है और उनके दफ्तर सील कर दिये गये हैं। पठानकोट हमले में जैश के शामिल होने का संदेह है। भारत ने जैश-ए-मोहम्मद पर कार्रवाई की मांग करते हुए उसे प्रस्तावित विदेश सचिव स्तर की वार्ता से जोड़ दिया था। हालांकि विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने रात में कहा कि मसूद अजहर की गिरफ्तारी को लेकर भारत के पास आधिकारिक पुष्टि नहीं है।
उधर, पाकिस्तान की नवाज शरीफ सरकार में मंत्री मोहम्मद जुबैर ने कहा कि वह पाकिस्तानी अधिकारियों द्वारा अजहर को गिरफ्तार किए जाने की पुष्टि नहीं कर सकते हैं। वहीं सीमावर्ती क्षेत्रों के लिए मंत्री लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) अब्दुल कादिर बलोच ने कहा, अजहर को गिरफ्तार कर लिया गया है। जियो टीवी के अनुसार अजहर के भाई अब्दुल रहमान रउफ को भी हिरासत में लिया गया है।
प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय बैठक में पाकिस्तानी कार्रवाई की समीक्षा की गयी।
इस्लामाबाद में बैठक के बाद पीएमओ से जारी बयान में कहा गया कि इस बात को संग्यान में लिया गया कि पाकिस्तान की जमीन से आतंकवाद को समाप्त करना उसकी प्रतिबद्धता का हिस्सा है। पाकिस्तान ने कहीं भी आतंकवाद के कृत्यों के लिए अपने क्षेत्र का इस्तेमाल नहीं होने देने का राष्ट्रीय संकल्प व्यक्त किया। पाकिस्तान सरकार ने रात में पठानकोट हमले में किसी पाकिस्तानी व्यक्ति या संगठन के शामिल होने का पता लगाने के लिए सुरक्षा और सैन्य अधिकारियों के एक संयुक्त जांच दल (जेआईटी) के गठन का ऐलान कर दिया।