नई दिल्ली: वित्त मंत्री अरुण जेटली ने आम आदमी पार्टी (AAP) के आरोपों पर पलटवार करते हुए कहा कि केजरीवार खुद आरोपों से घिरे हैं, इसलिए लोगों का ध्यान बंटाने के लिए इस तरह के तथ्यहीन और मनगढ़ंत आरोप लगा रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा उनकी ईमानदारी पर अब तक किसी ने उंगली नहीं उठाई औऱ वह झूठे आरोपों से नहीं डरते।
जेटली ने कहा, ‘ध्यान भटकाने के लिए ये आम आदमी पार्टी का राजनीतिक प्रोपेगेंडा है। झूठे आरोपों से मैं नहीं घबराता। केजरीवाल खुद आरोपों से घिरे हैं। भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरे एक वरिष्ठ अधिकारी को बचाने की कोशिश की जा रही है। केजरीवाल भ्रष्टाचार के आरोपी को बचाने की कोशिश कर रहे हैं। सीबीआई ने मुख्यमंत्री के कार्यालय पर रेड नहीं की थी।‘
जेटली ने आगे कहा, ‘आज तक मेरी ईमानदारी पर किसी ने उंगली नहीं उठाई। मुझे महसूस हुआ कि जो कुछ भी निराधार औऱ तथ्यहीन बातें की जा रही है, उन पर मैं अपना पक्ष साफ कर दूं। मैंने क्रिकेट प्रशासन 2013 में छोड़ दिया था। इसलिए 2014 और 2015 के कुछ तथ्यों का जिक्र करते हुए कोई मुझे इस मामले में नहीं खींच सकता। यूपीए के शासन के दौरान इस मामले की जांच हो चुकी है और मेरे खिलाफ कुछ नहीं मिला।‘
उधर, दिल्ली और जिला क्रिकेट संघ ने इसके पूर्व प्रमुख और वित्तमंत्री अरूण जेटली के खिलाफ वित्तीय अनियमितताओं के आम आदमी पार्टी के आरोपों को आज फिर खारिज करते हुए कहा कि ये आरोप सरासर बेबुनियाद हैं। लगातार दूसरे दिन डीडीसीए के आला अधिकारियों ने प्रेस कांफ्रेंस करके जेटली के खिलाफ आप द्वारा लगाये गए आरोपों को खारिज किया।
आप ने आज आरोप लगाया कि जेटली के डीडीसीए अध्यक्ष के रूप में 13 साल के कार्यकाल में भारी वित्तीय अनियमिततायें हुई है और भारी रकम फर्जी कंपनियों को दी गई जबकि टीम चयन में भी अनियमिततायें हुई।
डीडीसीए के कार्यवाहक अध्यक्ष चेतन चौहान ने कहा कि जेटली ने क्रिकेट की बेहतरी के लिये काम किया और फिरोजशाह कोटला स्टेडियम को विश्व स्तरीय मैदान बनाया लिहाजा उन्हें इस विवाद में घसीटना सही नहीं है। उन्होंने कहा, हमने कल भी बात करके कुछ मसलों पर स्थिति स्पष्ट की। हम कुछ छिपा नहीं रहे हैं और ना कभी छिपायेंगे।
उन्होंने कहा, कल मैंने कहा था कि स्टेडियम बनाने में 114 करोड़ रूपये की लागत आई। शुरूआत में ईपीआईएल को ग्राउंड फ्लोर के एक ब्लाक के लिये 27 करोड़ रूपये का करार दिया गया था। इसके बाद हमने तीन मंजिलें खड़ी की ताकि 45000 तक क्षमता बढ़ जाये। शुरूआती निर्माण की लागत 57.20 करोड़ रूपये थी, जिसके बाद 114 करोड़ रूपये का इजाफा हुआ। मैने कल गलती से 141 करोड़ रूपये कह दिया था। मैं ब्रेकअप दे सकता हूं।
यह पूछने पर कि जेटली को क्लीन चिट कैसे दे सकते हैं, चौहान ने कहा, जेटली के कार्यकाल में कोई धोखाधड़ी नहीं हुई। आप एसएफआईओ की रिपोर्ट देख सकते हैं। प्रक्रियागत खामियां थी जिनके लिये हमने जुर्माना भर दिया। उनके कार्यकाल में कोई आपराधिक मामला नहीं है। ऐसा होता तो एसएफआईओ कार्रवाई करता।