नई दिल्ली: कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने बुधवार को कहा कि उन्हें अगस्ता वेस्टलैंड हेलीकॉप्टर सौदे की किसी भी एजेंसी से जांच को लेकर डर नहीं है। सोनिया ने यहां संवाददाताओं से कहा, "हमारे पास छिपाने के लिए कुछ नहीं है। उन्हें (सरकार) मेरा नाम लेने दीजिए, मुझे किसी का डर नहीं है।" उन्होंने कहा कि कोई भी जांच जल्द से जल्द पूरी होनी चाहिए, ताकि सच्चाई सामने आ सके।
उन्होंने कहा, "आरोप निराधार हैं। सच्चाई जल्द ही सबके सामने होगी। यह उनकी (भाजपा) चरित्र हनन की रणनीति का हिस्सा है।" सोनिया ने सवाल किया कि नरेंद्र मोदी सरकार ने पिछले दो वर्षो के दौरान हुए सौदों की जांच आखिर क्यों नहीं की।
राज्यसभा में हंगामा
अगस्ता वेस्टलैंड हेलीकॉप्टर घोटाले को लेकर राज्यसभा में भारी हंगामा हुआ, जिसके कारण सदन की कार्यवाही बाधित हुई। हंगामे की शुरुआत भाजपा सदस्य सुब्रह्मण्यम स्वामी द्वारा इस घोटाले में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी का नाम लिए जाने के बाद हुई। इसका विरोध कर रहे कांग्रेस के सदस्यों ने सभापति से सोनिया का नाम लिए जाने को रिकॉर्ड से बाहर किए जाने की मांग की।
सदन की कार्यवाही 10 मिनट बाद दोबारा शुरू हुई, जिसमें उपसभापति पी.जे. कुरियन ने कहा कि स्वामी को दूसरे सदन के सदस्य का नाम नहीं लेना चाहिए। इसके बाद उन्होंने सोनिया का नाम सदन के रिकॉर्ड से हटा दिया।
उन्होंने कहा, "आप जानते हैं कि दूसरे सदन के सदस्य का नाम यहां नहीं लिया जाना चाहिए। किसी भी ऐसे सदस्य का नाम नहीं लिया जाना चाहिए, जो यहां आकर अपना बचाव नहीं कर सकता।"
इसके बाद भी हालांकि उपसभापति ने स्वामी को अपनी बात पूरी करने की अनुमति दी, जिसका कांग्रेस सदस्यों ने विरोध किया।
केंद्रीय संसदीय कार्य राज्य मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि यह सदस्य के अधिकार का हनन है।
इसके बाद कांग्रेस के सदस्य सभापति के आसन के समक्ष खड़े होकर नारेबाजी करने लगे, जिसके बाद सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।